बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 16 IAS अधिकारियों का तबादला, कई को मिली अतिरिक्त जिम्मेदारी
दस्तक 7मीडिया ,पटना/
बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने रविवार देर शाम भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 16 अधिकारियों के तबादले एवं नई नियुक्तियों की अधिसूचना जारी की। इस प्रशासनिक फेरबदल के तहत विभिन्न विभागों, निगमों और महत्वपूर्ण संस्थानों में अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। साथ ही कई अधिकारियों को उनके वर्तमान पद के अतिरिक्त महत्वपूर्ण विभागों का प्रभार भी दिया गया है।
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 2010 से 2020 बैच के कई वरिष्ठ अधिकारियों को प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। इस फेरबदल का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाना तथा विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना बताया गया है।
प्रमुख नियुक्तियों में 2010 बैच के आईएएस अधिकारी अनिमेष कुमार पराशर को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वे फिलहाल शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (BUIDCO) के प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यरत हैं।
वहीं, 2011 बैच के आईएएस अधिकारी शीर्षत कपिल अशोक को बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पद से स्थानांतरित कर कॉमफेड (COMFED), पटना का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है। इसके अलावा उन्हें आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी, बिहार राज्य फल एवं सब्जी विकास निगम के प्रबंध निदेशक तथा डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के प्रभारी सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
सरकार ने निलेश रामचंद्र देवरे को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग के विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह फेरबदल प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। अधिकारियों को बहुस्तरीय जिम्मेदारियां देकर विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया गया है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने इससे महज चार दिन पहले भी 21 आईएएस अधिकारियों का व्यापक स्तर पर तबादला किया था, जिसमें पटना, मुजफ्फरपुर और भागलपुर समेत कई जिलों के जिला पदाधिकारियों के पदस्थापन में बदलाव किया गया था। लगातार दूसरे बड़े प्रशासनिक फेरबदल को राज्य सरकार की प्रशासनिक पुनर्संरचना और सुशासन की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।