261 दिनों की कठिन ट्रेनिंग के बाद 581 महिला सिपाही बनीं बिहार पुलिस का हिस्सा, जमुई पुलिस लाइन में भव्य पासिंग आउट परेड

जमुई, संवाददाता

जमुई जिले के मलयपुर पुलिस लाइन में शनिवार को आयोजित भव्य दीक्षांत परेड (पासिंग आउट परेड) के साथ 581 प्रशिक्षु महिला जवानों ने सफलतापूर्वक अपना प्रशिक्षण पूरा कर बिहार पुलिस बल में औपचारिक रूप से कदम रखा। 261 दिनों की कठिन, अनुशासित और चुनौतीपूर्ण ट्रेनिंग के बाद इन सभी महिला जवानों को पूर्ण सिपाही का दर्जा प्रदान किया गया।

समारोह के दौरान 12 प्लाटूनों में विभाजित महिला सिपाहियों ने आकर्षक मार्च पास्ट प्रस्तुत करते हुए उत्कृष्ट अनुशासन, समर्पण और प्रशिक्षण का प्रदर्शन किया। परेड में जवानों ने मुख्य अतिथि को सलामी दी और देश, राज्य तथा समाज की सुरक्षा के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कर्तव्य निभाने की शपथ ली।

इस अवसर पर उपस्थित डीआईजी ने नव-नियुक्त महिला सिपाहियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज में शांति, सुरक्षा और न्याय स्थापित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी जवानों को ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ जनता की सेवा करने का संदेश दिया।

समारोह के दौरान एक रोचक और भावनात्मक क्षण तब आया जब परेड की मुख्य कमांडर सिपाही पूजा ने सभी जवानों की ओर से डीआईजी से अवकाश की मांग की। महिला सिपाहियों के उत्साह और समर्पण को देखते हुए डीआईजी ने मौके पर ही दो दिनों की विशेष छुट्टी देने की घोषणा की। साथ ही संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों से बातचीत कर अवकाश अवधि बढ़ाने का भी आश्वासन दिया।

दीक्षांत परेड केवल प्रशिक्षण की समाप्ति का समारोह नहीं रहा, बल्कि महिला सशक्तिकरण का प्रेरक उदाहरण भी बना। परेड ग्राउंड में मौजूद अभिभावक अपनी बेटियों को खाकी वर्दी में देखकर भावुक हो उठे। कई नव-नियुक्त महिला सिपाहियों ने अपने माता-पिता के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया, वहीं कुछ ने अपने पिता के सिर पर पुलिस की टोपी पहनाकर उनके संघर्ष, त्याग और सपनों को सम्मान दिया।

बिहार पुलिस में 581 नई महिला सिपाहियों के शामिल होने से न केवल पुलिस बल की क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और जनसेवा को भी नई मजबूती मिलेगी।