रेलवे के जूनियर इंजीनियर विशाल कुमार ने रचा इतिहास, 70वीं बीपीएससी परीक्षा में हासिल की शानदार सफलता,

किसान परिवार और शिक्षक पिता के संस्कारों से मिली उड़ान, दूसरे प्रयास में प्रशासनिक सेवा तक पहुंचे विशाल

दस्तक 7मीडिया /फुलपरास (मधुबनी)।

मधुबनी जिले के फुलपरास थाना अंतर्गत सांगी गांव के रहने वाले युवा प्रतिभा विशाल कुमार ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में 1030 रेंक में सफलता प्राप्त कर वीडियो का पद हासिल कर अपने परिवार, गांव और जिले का नाम रोशन किया है। वर्तमान में भारतीय रेल में कनिष्ठ अभियंता के पद पर कार्यरत विशाल कुमार ने अपने दूसरे प्रयास में यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उनकी सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

विशाल कुमार एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता महाराज शिवशंकर बिहार सरकार में शिक्षक हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। परिवार में शिक्षा और सेवा की परंपरा रही है। उनके दादा जी अपने समय में ग्राम सेवक के पद पर कार्यरत रहे थे। यही वजह है कि बचपन से ही विशाल के मन में समाज और प्रशासन के क्षेत्र में कार्य करने की प्रेरणा विकसित हुई।

विद्यालयी शिक्षा से ही दिखाई प्रतिभा

विशाल कुमार ने अपनी दसवीं तक की शिक्षा डीएवी विद्यालय, झंझारपुर से प्राप्त की। छात्र जीवन से ही वे मेधावी रहे और पढ़ाई के प्रति विशेष लगाव रखते थे। विद्यालय स्तर पर उनकी उपलब्धियां लगातार चर्चा का विषय बनी रहीं।

अभियंत्रण की पढ़ाई में भी किया उत्कृष्ट प्रदर्शन

दसवीं के बाद उन्होंने मुजफ्फरपुर प्रौद्योगिकी संस्थान, मुजफ्फरपुर से बी-टेक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में शामिल राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, इलाहाबाद से एम-टेक की उपाधि प्राप्त की। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में भी उनका प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा।

पहली ही कोशिश में बने बिहार के अव्वल कनिष्ठ अभियंता

विशाल कुमार की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने कनिष्ठ अभियंता भर्ती परीक्षा में अपने पहले ही प्रयास में पूरे बिहार में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इसके बाद उनका चयन भारतीय रेल में कनिष्ठ अभियंता के पद पर हुआ। वर्तमान में उनकी पदस्थापना मुगलसराय में है, जहां वे अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

नौकरी के साथ जारी रखी तैयारी

भारतीय रेल जैसी जिम्मेदार नौकरी में कार्यरत रहने के बावजूद विशाल कुमार ने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। उन्होंने सीमित समय में नियमित अध्ययन, अनुशासित दिनचर्या और दृढ़ संकल्प के बल पर बिहार लोक सेवा आयोग परीक्षा की तैयारी जारी रखी। पहले प्रयास में सफलता नहीं मिलने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरे प्रयास में शानदार सफलता हासिल कर यह साबित कर दिया कि निरंतर प्रयास से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

गांव और जिले में खुशी का माहौल

विशाल कुमार की सफलता की खबर मिलते ही सांगी गांव सहित पूरे फुलपरास क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों, रिश्तेदारों, मित्रों और ग्रामीणों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। लोगों का कहना है कि विशाल ने अपनी मेहनत और लगन से यह सिद्ध कर दिया है कि ग्रामीण परिवेश से निकलकर भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।

युवाओं के लिए बने प्रेरणा

विशाल कुमार की सफलता उन युवाओं के लिए एक बड़ा संदेश है जो संसाधनों की कमी या असफलताओं से निराश हो जाते हैं। शिक्षक पिता के संस्कार, परिवार का सहयोग, कठिन परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। उनकी उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को भी बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा देती रहेगी।