रिशु श्री से 33 घंटे की मैराथन पूछताछ, टेंडर घोटाले में SVU का शिकंजा और कसने की तैयारी, निलंबित IAS अधिकारियों से संबंध स्वीकारने का दावा, फरार अफसरों को जल्द भेजे जाएंगे नोटिस
रिशु श्री से 33 घंटे की मैराथन पूछताछ, टेंडर घोटाले में SVU का शिकंजा और कसने की तैयारी, निलंबित IAS अधिकारियों से संबंध स्वीकारने का दावा, फरार अफसरों को जल्द भेजे जाएंगे नोटिस
रिशु श्री से 33 घंटे की मैराथन पूछताछ, टेंडर घोटाले में SVU का शिकंजा और कसने की तैयारी,
निलंबित IAS अधिकारियों से संबंध स्वीकारने का दावा, फरार अफसरों को जल्द भेजे जाएंगे नोटिस
दस्तक 7मीडिया /पटना
बिहार के बहुचर्चित टेंडर घोटाला मामले में विशेष सतर्कता इकाई (SVU) ने मुख्य आरोपी कारोबारी रिशु श्री उर्फ रिशु सिन्हा से पांच दिनों की रिमांड अवधि के दौरान तीन अलग-अलग टीमों के माध्यम से 33 घंटे से अधिक समय तक गहन पूछताछ की। रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उसे वापस पटना के बेऊर केंद्रीय कारागार भेज दिया गया।
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान रिशु श्री ने अधिकांश सवालों के जवाब बेहद नपे-तुले अंदाज में दिए। कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दों पर उसने स्पष्ट जानकारी देने से परहेज किया, हालांकि जांच एजेंसियों को कुछ अहम सुराग मिलने का दावा किया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में रिशु श्री ने निलंबित आईएएस अधिकारियों योगेश कुमार सागर और अभिलाषा कुमारी शर्मा से अपने संपर्क होने की बात स्वीकार की है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि कारोबारी ने इन अधिकारियों की विदेश यात्राओं तथा महंगे उपहारों को प्रायोजित किया था। इन आरोपों की जांच अभी जारी है।
जांच एजेंसियों, विशेषकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) और SVU का दावा है कि सरकारी विभागों में बढ़े हुए और फर्जी बिलों के माध्यम से टेंडर हासिल करने का संगठित नेटवर्क संचालित किया जाता था। आरोप है कि विभिन्न परियोजनाओं में 8 से 10 प्रतिशत तक कमीशन तय कर सरकारी ठेके हासिल किए जाते थे।
रिशु श्री से मिली जानकारियों के आधार पर अब SVU मामले से जुड़े फरार और संदिग्ध अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की तैयारी में है। एजेंसी जल्द ही संबंधित आईएएस अधिकारियों और अन्य आरोपितों को औपचारिक नोटिस जारी कर सकती है।
इधर, मामले में कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए SVU की टीमों ने पटना में निलंबित आईएएस अधिकारियों योगेश सागर, अभिलाषा शर्मा तथा निजी ठेकेदार पवन कुमार से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी भी की है। छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
वहीं, टेंडर घोटाले में नामजद एक अन्य आईएएस अधिकारी संजीव हंस की अग्रिम जमानत याचिका पर विशेष सतर्कता अदालत में 24 जून को सुनवाई निर्धारित है। इस सुनवाई पर भी जांच एजेंसियों और राजनीतिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं।
माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल घोटाले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं तथा जांच का दायरा और विस्तृत हो सकता है।
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