एसटीएफ और गोह पुलिस की बड़ी कार्रवाई में  चार अंतरजिला हथियार तस्कर गिरफ्तार, कार्बाइन-पिस्टल समेत भारी जखीरा बरामद

दस्तक 7मीडिया /औरंगाबाद।

बिहार एसटीएफ (STF) और गोह थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अंतरजिला हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से कार्बाइन, पिस्टल, कट्टा और बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस समेत हथियारों का भारी जखीरा बरामद किया गया है। पुलिस ने इस मामले में आर्म्स एक्ट एवं विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, 19 जून 2026 को गोह-रफीगंज मुख्य मार्ग पर डिहुरी बाजार स्थित दामोदरपुर मोड़ के समीप वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर चार लोगों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने एक आरोपी के प्राणपुर स्थित ठिकाने पर छापेमारी की, जहां से अवैध हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उपहारा थाना क्षेत्र के झारी गांव निवासी रोहित कुमार उर्फ बिल्लू सिंह उर्फ बिल्टा (25), हसपुरा थाना क्षेत्र के टनकुप्पी गांव निवासी गणेश कुमार उर्फ विक्रम (28), तथा गोह थाना क्षेत्र के प्राणपुर निवासी मो. सोहेल उर्फ बलिस्टर आलम उर्फ बली (25) और मो. इस्तेखार आलम (25) के रूप में हुई है।

छापेमारी और तलाशी के दौरान पुलिस ने तीन लोडेड देसी पिस्टल, दो देसी कार्बाइन, तीन देसी कट्टा (जिसमें एक टूटा हुआ), दो थर्नेट, 159 जिंदा कारतूस, सात मैगजीन, दो खोखा, तस्करी में प्रयुक्त तीन मोटरसाइकिल तथा चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बिहार एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर और भोजपुर जिलों में अवैध हथियारों की बड़ी खेप पहुंचाई जानी है। सूचना के सत्यापन के बाद संयुक्त अभियान चलाकर तस्करों को दबोचा गया।

इस संबंध में गोह थाना में कांड संख्या 159/26 दर्ज किया गया है। दाऊदनगर एसडीपीओ अशोक कुमार दास ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हथियारों की आपूर्ति कहां से हो रही थी और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। अधिकारियों का मानना है कि जांच के दौरान हथियार तस्करी के एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा हो सकता है।

पुलिस की इस कार्रवाई को हाल के दिनों में अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ सबसे बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है। इससे क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों और हथियार तस्करों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।