दीदी अधिकार केंद्र से जुड़ी सीएससी सेवा, अब गांव में ही मिलेंगी डिजिटल सुविधाएं,

मनीगाछी में शुरू हुई कॉमन सर्विस सेंटर सेवा, जीविका दीदियों के जरिए ग्रामीणों को मिलेगा सरकारी और ऑनलाइन सेवाओं का लाभ

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में दरभंगा जिले के मनीगाछी प्रखंड में एक नई पहल की शुरुआत हुई है। जीविका द्वारा संचालित दीदी अधिकार केंद्र में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) सेवा का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. ऋचा गार्गी, प्रखंड विकास पदाधिकारी दुनिया लाल यादव, सामाजिक विकास प्रबंधक नरेश कुमार और प्रखंड परियोजना प्रबंधक दीपक कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

सीएससी सेवा शुरू होने के बाद अब ग्रामीणों को आधार, पैन कार्ड, आय, जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र, बिजली बिल भुगतान, बैंकिंग, बीमा तथा पेंशन योजनाओं सहित विभिन्न ऑनलाइन सेवाएं गांव के नजदीक ही उपलब्ध हो सकेंगी। इससे लोगों को छोटी-छोटी डिजिटल सेवाओं के लिए शहरों और बाजारों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।

जिले में वर्तमान में सात प्रखंडों में दीदी अधिकार केंद्र संचालित हैं। ये केंद्र महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने, कानूनी सहायता उपलब्ध कराने तथा सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। प्रशिक्षित दीदी अधिकार केंद्र समन्वयक और सक्षमा दीदियों के माध्यम से महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और डिजिटल रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।

इस अवसर पर डॉ. ऋचा गार्गी ने कहा कि डिजिटल युग में तकनीकी जानकारी महिलाओं की आत्मनिर्भरता की नई पहचान बन रही है। उन्होंने कहा कि सीएससी सेवाओं के जुड़ने से जीविका दीदियां स्वयं सशक्त होंगी और अपने समुदाय तक डिजिटल सेवाओं की आसान पहुंच सुनिश्चित करेंगी।

प्रखंड विकास पदाधिकारी दुनिया लाल यादव ने इसे ग्रामीण क्षेत्रों तक डिजिटल सेवाओं को पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे लोगों के समय और धन दोनों की बचत होगी। वहीं सामाजिक विकास प्रबंधक नरेश कुमार ने बताया कि दरभंगा में यह पहला दीदी अधिकार केंद्र है जहां सीएससी सेवा शुरू की गई है। आने वाले समय में जिले के अन्य दीदी अधिकार केंद्रों तक भी इस सुविधा का विस्तार किया जाएगा।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जीविका दीदियां, कैडर एवं जीविकाकर्मी मौजूद रहे। नई सुविधा को लेकर महिलाओं और ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखा गया।