181 साल पुराने मुख्तारखाना भवन के संरक्षण कार्य का भूमि पूजन, न्यायिक विरासत को सहेजने की पहल

विधि संवाददाता,दरभंगा।

दरभंगा सदर अनुमंडल के गठन के साथ वर्ष 1845 में स्थापित ऐतिहासिक मुख्तारखाना भवन के संरक्षण एवं संवर्धन कार्य की शुक्रवार को विधिवत शुरुआत हो गई। 181 वर्ष पुराने इस न्यायिक धरोहर भवन के संरक्षण के लिए सुबह सात बजे भूमि पूजन किया गया। कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं और बार एसोसिएशन के सदस्यों ने भाग लेकर इस ऐतिहासिक पहल का स्वागत किया।
दरभंगा बार एसोसिएशन की ओर से महासचिव कृष्ण कुमार मिश्र और अध्यक्ष चन्द्रधर मल्लिक ने भूमि पूजन किया। मौके पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा, लोक अभियोजक अमरेन्द्र नारायण झा, उत्पाद अधिनियम के एपीपी हेमंत कुमार,एजीपी गौड़ीशंकर चौधरी, अधिवक्ता मनोज कुमार मनमौजी तथा भवन मंत्री अनिल मिश्रा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इसके अलावा अधिवक्ता रतन कुमार झा, अनिल कुमार मिश्रा, अनिल प्रसाद, भवनाथ मिश्रा, आनंद आलोक, विवेक कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।
वक्ताओं ने कहा कि मुख्तारखाना भवन दरभंगा की न्यायिक परंपरा और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का महत्वपूर्ण प्रतीक है। वर्ष 1845 में निर्मित यह भवन लंबे समय तक न्यायिक गतिविधियों का केंद्र रहा और अभी भी है। एसडीएम कोर्ट में आपराधिक मामलों का संज्ञान 31 मार्च 1974 तक ली जाती रही है। जिसे लेकर इसी भवन से यानी मुख्तारखाना में बैठने वाले मुख्तार एस डी एम कोर्ट में न्याय अतिथियों का पक्ष रखने के लिए जाते थे।स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी यह भवन कई महत्वपूर्ण गतिविधियों का साक्षी रहा है।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिवक्ताओं ने कहा कि ऐतिहासिक महत्व के इस भवन का संरक्षण समय की जरूरत है। भवन के जीर्णोद्धार और संवर्धन से न केवल न्यायिक इतिहास सुरक्षित रहेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियां भी क्षेत्र की गौरवशाली विरासत से परिचित हो सकेंगी। महासचिव श्री मिश्रा ने इसके संरक्षण में समाज के सभी वर्गों से सहयोग की अपील की।
फोटो : मुख्तारखाना भवन संरक्षण कार्य के भूमि पूजन समारोह में मौजूद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा, बार एसोसिएशन के महासचिव कृष्ण कुमार मिश्र, अध्यक्ष चन्द्रधर मल्लिक, एवं अन्य अधिवक्ता।