दरभंगा पुस्तक मेले का आगाज, चार दिनों तक सजेगा ज्ञान और साहित्य का महाकुंभ,आयुक्त के सचिव बोले- पुस्तकों का कोई विकल्प नहीं, रामायण से लेकर बाइबल तक सभी महान ग्रंथ किताबों के रूप में ही समाज तक पहुंचे
दरभंगा पुस्तक मेले का आगाज, चार दिनों तक सजेगा ज्ञान और साहित्य का महाकुंभ,आयुक्त के सचिव बोले- पुस्तकों का कोई विकल्प नहीं, रामायण से लेकर बाइबल तक सभी महान ग्रंथ किताबों के रूप में ही समाज तक पहुंचे
दरभंगा पुस्तक मेले का आगाज, चार दिनों तक सजेगा ज्ञान और साहित्य का महाकुंभ,आयुक्त के सचिव बोले- पुस्तकों का कोई विकल्प नहीं, रामायण से लेकर बाइबल तक सभी महान ग्रंथ किताबों के रूप में ही समाज तक पहुंचे
दस्तक 7 मीडिया/दरभंगा
मिथिला की सांस्कृतिक राजधानी दरभंगा में गुरुवार को चार दिवसीय दरभंगा पुस्तक मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। नेहरू स्टेडियम (पोलो फील्ड), लहेरियासराय में आयोजित मेले का उद्घाटन आयुक्त के सचिव सुशील कुमार मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। यह पुस्तक मेला 21 जून तक चलेगा, जिसमें देश के प्रतिष्ठित प्रकाशकों की हजारों पुस्तकें पाठकों के लिए उपलब्ध हैं।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सुशील कुमार मिश्रा ने कहा कि तकनीक और डिजिटल युग के विस्तार के बावजूद पुस्तकों का महत्व कभी कम नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि रामायण, कुरान और बाइबल जैसे महान ग्रंथ भी पुस्तकों के माध्यम से ही समाज तक पहुंचे हैं। ज्ञान का सबसे विश्वसनीय स्रोत आज भी पुस्तकें ही हैं। उन्होंने कहा कि पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ऐसे आयोजनों की निरंतर आवश्यकता है।
उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद ने कहा कि पुस्तकें केवल ज्ञान ही नहीं देतीं, बल्कि जीवन के अनुभवों और सोचने-समझने की क्षमता का भी विकास करती हैं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से लेकर व्यक्तित्व निर्माण तक में पुस्तकों की अहम भूमिका है।
क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी आकाश ऐश्वर्य ने कहा कि हर घर में पुस्तक पढ़ने की आदत विकसित होनी चाहिए। पढ़ने की संस्कृति व्यक्ति और समाज दोनों को समृद्ध बनाती है।
मेले के आयोजक चंद्र भूषण ने बताया कि झारखंड के हजारीबाग से शुरू हुई पुस्तक मेला यात्रा विभिन्न शहरों से होते हुए अब दरभंगा पहुंची है। इसके बाद मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर में भी पुस्तक मेलों का आयोजन किया जाएगा।
मेले में साहित्य, इतिहास, संस्कृति, विज्ञान, धर्म, बाल साहित्य और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी पुस्तकों का विशाल संग्रह आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। स्थानीय लेखकों के लिए विशेष ‘लेखक कोना’ भी बनाया गया है, जहां उनकी पुस्तकों का प्रदर्शन और बिक्री की व्यवस्था की गई है।
आज होंगी विभिन्न प्रतियोगिताएं, 20 को कवि सम्मेलन
आयोजकों के अनुसार शुक्रवार को चित्रकला, गायन, कहानी सुनाओ, कविता पाठ और नृत्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। वहीं 20 जून को भव्य कवि सम्मेलन होगा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कवयित्री अंकिता सिन्हा और चर्चित कवि गोविंद गजब समेत कई कवि अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे। पुस्तक मेले को लेकर साहित्य प्रेमियों और छात्रों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
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