पत्रकार की गिरफ्तारी पर उबला आक्रोश, डीएम-डीआईजी को सौंपा ज्ञापन,निष्पक्ष जांच, पारदर्शी कार्रवाई और पत्रकारों की सुरक्षा की मांग, प्रेस क्लब से समाहरणालय तक पत्रकारों ने निकाला शांतिपूर्ण मार्च।

दस्तक 7 मीडिया ,दरभंगा /गुड्डूराज

 

केवटी थाना में एक पत्रकार के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के महज एक सप्ताह-दस दिन के भीतर पुलिस द्वारा एक दैनिक अखबार के पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार एवं जेल भेजे जाने की कार्रवाई को लेकर जिले के पत्रकारों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस मामले में सदर डीएसपी-2 की पर्यवेक्षण टिप्पणी पर भी पत्रकारों ने आपत्ति जताते हुए नाराजगी व्यक्त की है।

पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और निष्पक्ष न्याय की मांग को लेकर बुधवार को दरभंगा के विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकारों ने अभूतपूर्व एकजुटता का परिचय दिया। पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी (डीएम) तथा मिथिला क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) को ज्ञापन सौंपकर पत्रकारों से संबंधित मामलों में पारदर्शी और न्यायसंगत प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया कि हाल के वर्षों में पत्रकारों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने और गिरफ्तारी की घटनाओं में वृद्धि हुई है। कई मामलों में पर्याप्त जांच और संबंधित पत्रकार का पक्ष सुने बिना कार्रवाई शुरू कर दी जाती है, जिससे पत्रकारों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। इसका प्रतिकूल प्रभाव स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता पर पड़ रहा है।

पत्रकारों ने मांग की कि किसी भी पत्रकार के विरुद्ध शिकायत मिलने पर प्राथमिकी दर्ज करने से पहले निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा संबंधित पत्रकार को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाए। साथ ही पत्रकारों से जुड़े मामलों की प्रारंभिक जांच डीएसपी स्तर अथवा उससे ऊपर के अधिकारी से कराने, तथ्य सत्यापन के बिना गिरफ्तारी जैसी कठोर कार्रवाई से बचने तथा मामलों के निष्पादन के लिए पारदर्शी प्रक्रिया निर्धारित करने की मांग की गई।

ज्ञापन में पत्रकार संगठनों और जिला प्रशासन के बीच नियमित समन्वय बैठक आयोजित करने तथा दुर्भावनापूर्ण एवं प्रतिशोधात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए समय-समय पर समीक्षा करने की भी मांग उठाई गई।

ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकारों ने प्रेस क्लब से समाहरणालय तक शांतिपूर्ण मार्च निकाला। इसके बाद लहेरियासराय टावर चौक स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष मौन धारण कर लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया।

पत्रकारों ने स्पष्ट कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या संगठन विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए है। उन्होंने प्रशासन से मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए आवश्यक कदम उठाने की अपेक्षा जताई, ताकि पत्रकार भयमुक्त वातावरण में जनहित के मुद्दों को निर्भीकता से उठा सकें। पत्रकारों का कहना था कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा, जब सच लिखने और दिखाने वालों को सुरक्षा और सम्मान के साथ कार्य करने का अवसर मिलेगा।