आयुष्मान कार्ड बनाने में लापरवाही पर होगी कार्रवाई: डीएम,

22 जून तक 15 हजार कार्ड बनाने का लक्ष्य, मनीगाछी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी का वेतन रोकने का निर्देश

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड निर्माण कार्य में तेजी लाने को लेकर जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधकों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए सख्त निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान मनीगाछी प्रखंड में लक्ष्य के अनुरूप आयुष्मान कार्ड निर्माण नहीं होने पर जिलाधिकारी ने संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी समेत जिम्मेदार कर्मियों का वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आयुष्मान कार्ड निर्माण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में कुशेश्वरस्थान के सतीघाट क्षेत्र में भी अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर अधिकारियों को अभियान में तेजी लाने तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया गया।

जिलाधिकारी ने बताया कि 8 जून से 15 जून तक 9,330 आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित था, जबकि इस अवधि में 11,208 कार्ड बनाए गए। लक्ष्य से अधिक उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने सभी प्रखंडों को आगामी चरण में और बेहतर प्रदर्शन करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि 22 जून तक 15 हजार आयुष्मान कार्ड हर हाल में बनाए जाएं। इसके लिए प्रत्येक पंचायत में कम से कम 50 कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। डीएम ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के अल्ट्रासाउंड केंद्रों का निरीक्षण कर वैध एवं अवैध केंद्रों की जांच करने तथा अवैध रूप से संचालित केंद्रों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। जांच प्रतिवेदन रविवार तक उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया।

साथ ही सिविल सर्जन को आयुष्मान योजना से संबंधित अस्पतालों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार मिश्रा, डीपीएम स्वास्थ्य, एनसीडीओ सत्येंद्र प्रसाद, डॉ. रवि कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।