शादी से 14 दिन पहले बुझ गया घर का इकलौता चिराग, कुशेश्वरस्थान के शिवगंगा पोखर में डूबने से युवक की मौत, 4 घंटे बाद जाल से निकला शव
शादी से 14 दिन पहले बुझ गया घर का इकलौता चिराग, कुशेश्वरस्थान के शिवगंगा पोखर में डूबने से युवक की मौत, 4 घंटे बाद जाल से निकला शव
शादी से 14 दिन पहले बुझ गया घर का इकलौता चिराग,
कुशेश्वरस्थान के शिवगंगा पोखर में डूबने से युवक की मौत, 4 घंटे बाद जाल से निकला शव
दस्तक 7 मीडिया, कुशेश्वरस्थान।
बाबा कुशेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने आया एक युवक सोमवार को शिवगंगा पोखर में स्नान के दौरान डूब गया। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद मछुआरों ने महाजाल की मदद से शव को पोखर से बाहर निकाला। घटना के बाद शिवगंगा घाट पर चीख-पुकार और मातम का माहौल बन गया।
मृतक की पहचान समस्तीपुर जिले के सिंघिया थाना क्षेत्र के हरदिया गांव निवासी स्वर्गीय राजेंद्र साह के 21 वर्षीय इकलौते पुत्र संतोष साह के रूप में हुई है। वहीं उसके साथ डूब रहे गांव के ही विवेक मुखिया को साथी सुभाष साह ने बचा लिया।
जानकारी के अनुसार संतोष अपने दोस्तों विवेक मुखिया और सुभाष साह के साथ बाबा कुशेश्वरनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करने आया था। पूजा के बाद तीनों शिवगंगा पोखर में स्नान करने उतरे। इसी दौरान संतोष और विवेक पोखर के बीच हिस्से में पहुंच गए, जहां दोनों का दम फूलने लगा और वे डूबने लगे। सुभाष ने किसी तरह विवेक को बचा लिया, लेकिन संतोष गहरे पानी में समा गया।
घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष गौरव प्रसाद पुलिस टीम और नाव के साथ मौके पर पहुंचे। बाद में एसडीओ शशांक राज के निर्देश पर एसडीआरएफ तथा केवटगामा के मछुआरों को बुलाया गया। मछुआरों ने महाजाल डालकर करीब चार घंटे बाद शव बरामद किया।
शव बाहर आते ही मृतक की मां गीता देवी, बहन राधा देवी और अंजलि देवी बेसुध होकर रोने लगीं। परिजनों के विलाप से माहौल गमगीन हो गया। शव मिलने में देरी से आक्रोशित ग्रामीणों ने थाना परिसर में हंगामा भी किया, जिसे प्रशासन ने समझा-बुझाकर शांत कराया।
29 जून को होनी थी शादी
सबसे मार्मिक पहलू यह है कि संतोष की शादी 29 जून को मधुबन निवासी गांधी साह की पुत्री आरती कुमारी से तय थी। वह मंदिर में जलाभिषेक करने के साथ-साथ शादी के लिए डीजे बुक करने भी कुशेश्वरस्थान आया था। परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन हादसे ने सारी खुशियां मातम में बदल दीं।
बचपन में पिता को खो चुके संतोष अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। वह पिकअप वाहन चलाकर मां और बहनों का भरण-पोषण करता था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।