कागजों पर 90% पास, धरातल पर पूरी तरह फेल, बिरौल में ‘नल-जल योजना’ की बदहाली खोल रही विभागीय दावों की पोल
दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।
बिहार सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग बिरौल के अधिकारियों के दावे और जमीनी हकीकत में जमीन-आसमान का फासला है। एक ओर जहां विभागीय बैठक में अभियंता यह दंभ भर रहे हैं कि विभिन्न पंचायतों में ‘नल-जल योजना’ 90 प्रतिशत सुचारू रूप से काम कर रही है, वहीं धरातल पर उतरते ही इन दावों की हवा निकल जाती है। विभागीय लापरवाही का सबसे ज्वलंत उदाहरण बिरौल प्रखंड की उछटी पंचायत का वार्ड नंबर एक है। भीषण गर्मी के इस दौर में जहां लोगों को पीने के पानी की सख्त दरकार है, वहीं नल-जल योजना का पानी लोगों के घरों तक पहुंचने के बजाय तपती सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है। योजना का असल लाभ ग्रामीणों को न मिलकर सड़कों की प्यास बुझाने में जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों में इस घोर लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है।

