सरकारी सिस्टम की लापरवाही, जीवित महिला को पोर्टल पर दिखाया ‘मृत’, बंद हुई पेंशन; बीडीओ की तत्परता से मिला न्याय

दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।

सरकारी नियमों की पेचीदगियों और जानकारी के अभाव में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। एक जीवित बुजुर्ग बेसहारा महिला को कागजों में ‘मृत’ घोषित कर उसके जीवन का एकमात्र सहारा—वृद्धा पेंशन—बंद कर दिया गया। इसके कारण महिला दाने-दाने को तरसने और भुखमरी की कगार पर पहुंचने को मजबूर हो गई। हालांकि, शनिवार को जब यह मामला प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रदीप कुमार झा के संज्ञान में आया, तो उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए बुजुर्ग महिला की पेंशन दोबारा शुरू कराने के निर्देश दिए।
मामला दरभंगा जिले के बिरौल प्रखंड अंतर्गत रोहाड़ पंचायत (वार्ड संख्या- 09) का है। यहां की रहने वाली एक अत्यंत गरीब और अनपढ़ वयोवृद्ध विधवा महिला ईनर देवी पूरी तरह से सरकार द्वारा मिलने वाली वृद्धा पेंशन पर ही आश्रित थीं। हाल ही में सरकार द्वारा वृद्धा पेंशन योजना के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य किया गया था। अनपढ़ होने के कारण ईनर देवी को इसकी जानकारी नहीं मिल सकी और वे अपना केवाईसी नहीं करवा पाईं। इसके बाद विभागीय लापरवाही के कारण पोर्टल पर उन्हें मृत दर्शाते हुए उनका नाम पेंशन सूची से काट दिया गया।
अचानक पेंशन रुक जाने से परेशान बुजुर्ग महिला ने बिरौल के प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रदीप कुमार झा को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई। अपने आवेदन में दर्द बयां करते हुए ईनर देवी ने लिखा मैं एक अनपढ़ और वयोवृद्ध महिला हूँ। पेंशन ही मेरे जीवन-यापन का एकमात्र सहारा थी। अचानक नाम कट जाने के बाद से मैं दर-दर की ठोकरें खा रही हूँ और मुझे खाने-पीने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अगर मेरी वृद्धा पेंशन योजना दोबारा शुरू नहीं की गई, तो मैं भूखी मर जाऊँगी।
बुजुर्ग महिला का आवेदन मिलते ही बीडीओ प्रदीप कुमार झा ने मामले की गंभीरता को समझा। उन्होंने तुरंत संबंधित लिपिक और कर्मियों को अपने कक्ष में तलब किया। महिला के उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक (शाखा- रोहाड़) के खाता संख्या (1080511030003408) और [आधार संख्या से जुड़े दस्तावेजों की गहनता से जांच करने के बाद बीडीओ ने आगे की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।
बीडीओ श्री झा ने ईनर देवी को ढांढस बंधाया और आश्वासन दिया कि जल्द ही उनके बैंक खाते में पेंशन की राशि फिर से आने लगेगी। इसके साथ ही उन्होंने बुजुर्ग महिला को स्थानीय बिचौलियों से पूरी तरह सतर्क और बचकर रहने की सख्त हिदायत भी दी। प्रखंड प्रशासन की इस तत्परता और संवेदनशीलता के कारण आखिरकार वयोवृद्ध ईनर देवी को समय रहते न्याय मिल गया और उनके चेहरे पर राहत की मुस्कान लौट आई।