दरभंगा में उर्वरक आपूर्ति पर सख्ती, कालाबाजारी करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई: सांसद गोपाल जी ठाकुर, उर्वरक निगरानी समिति की बैठक में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने पर जोर, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अग्रिम भंडारण का निर्देश
दरभंगा में उर्वरक आपूर्ति पर सख्ती, कालाबाजारी करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई: सांसद गोपाल जी ठाकुर,
उर्वरक निगरानी समिति की बैठक में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने पर जोर, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अग्रिम भंडारण का निर्देश
दस्तक 7 मीडिया /दरभंगा
खरीफ सीजन को देखते हुए जिले में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से शनिवार को समाहरणालय स्थित अंबेडकर सभागार में जिला उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी कौशल कुमार ने की, जबकि सांसद गोपाल जी ठाकुर , विधायक विनय कुमार चौधरी , तथा विधान पार्षद हरि सहनी सहित कृषि विभाग के अधिकारी, उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि और थोक विक्रेता मौजूद रहे।
बैठक में सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने निर्देश दिया कि जिले के सभी प्रखंडों में यूरिया, डीएपी, एनपीके और पोटाश की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दरभंगा जिले के लिए आवंटित उर्वरक हर हाल में दरभंगा और लहेरियासराय रैक प्वाइंट पर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि किसानों को समय पर खाद मिल सके।
सांसद ने बाढ़ प्रभावित प्रखंडों—किरतपुर, बिरौल, कुशेश्वरस्थान, घनश्यामपुर, गौड़ाबौराम और हनुमाननगर—में मानसून से पहले उर्वरकों का अग्रिम भंडारण करने की विशेष योजना बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने उर्वरकों की कालाबाजारी और निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई, नियमित छापेमारी और साप्ताहिक स्टॉक समीक्षा पर भी जोर दिया।
बैठक में किसानों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए जिला स्तर पर हेल्पलाइन और व्हाट्सएप नंबर जारी करने तथा शिकायतों का 48 घंटे के भीतर निपटारा सुनिश्चित करने का सुझाव दिया गया। साथ ही नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सभी प्रखंडों में किसान प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की बात कही गई।
विधायक प्रो. विनय कुमार चौधरी ने कहा कि किसानों को उर्वरक की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने फसल क्षति का सर्वे कर मुआवजा देने तथा किसान चौपालों के माध्यम से कृषि योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने का निर्देश दिया।
बैठक में 19 जून को बेनीपुर और जाले प्रखंड में “खेत बचाओ अभियान” चलाने तथा पंचायत कृषि पाठशाला और किसान चौपाल के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। सांसद ने मखाना, आम, लीची और सब्जी उत्पादक किसानों के लिए विशेष उर्वरक पैकेज और किट उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई।अंत में जिलाधिकारी कौशल कुमार ने सभी अधिकारियों को उर्वरक वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और किसान हितैषी बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।