उज्ज्वला योजना में बड़ा खेल, 4 साल पहले कनेक्शन स्वीकृत, लाभार्थी को नहीं मिला एक भी सामान; कागजों पर होती रही फर्जी डिलीवरी

दस्तक 7 मिडिया,बिरौल, दरभंगा।

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ में जमीनी स्तर पर कितनी बड़ी धांधली चल रही है, इसका एक ज्वलंत उदाहरण दरभंगा जिले में सामने आया है। यहाँ एक गरीब लाभार्थी पिछले चार वर्षों से रसोई गैस कनेक्शन स्वीकृत होने के बावजूद आज तक खाली हाथ है, जबकि गैस एजेंसी के कागजों और मोबाइल ऐप पर पिछले पांच साल से लगातार गैस सिलेंडर की फर्जी डिलीवरी दिखाई जा रही है। इस धोखाधड़ी को लेकर पीड़ित महिला ने अब न्याय के लिए जिलाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी का दरवाजा खटखटाया है।
मामला दरभंगा जिले के ग्राम विष्णुपुर का है। यहां की निवासी पीड़ित आवेदिका विभा देवी (पति: मन्नू लाल शर्मा) ने बताया कि उन्होंने 22 अगस्त 2020 को मेसर्स खान भारत गैस ग्रामीण वितरक, जमालपुर से उज्ज्वला योजना के तहत कनेक्शन लिया था, जिसकी उपभोक्ता संख्या (108858098) है।
तकरीबन एक साल बाद, 16 सितंबर 2021 को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत उनका गैस कनेक्शन आधिकारिक रूप से स्वीकृत भी हो गया। लेकिन जब उन्होंने भारत गैस वितरक से संपर्क किया, तो उन्हें बताया गया कि उनका कनेक्शन मेसर्स जय माता दी इण्डेन गैस में ट्रांसफर कर दिया गया है, जहां उनका नया उपभोक्ता संख्या 7061058322 है।
पीड़िता विभा देवी के होश तब उड़ गए जब उन्होंने इण्डेन गैस का आधिकारिक मोबाइल ऐप डाउनलोड करके लॉगिन किया। ऐप के रिकॉर्ड के अनुसारह, 16 सितंबर 2021 से लेकर 11 फरवरी 2026 तक उनके नाम पर लगातार गैस सिलेंडरों की डिलीवरी (उठान) दिखाई जा रही है। हकीकत यह है कि मुझे आज तक न तो गैस सिलेंडर मिला, न चूल्हा, रेगुलेटर, पाइप, पासबुक या एसवी (SV) पेपर। एजेंसी वाले मेरे नाम का गैस सिलेंडर ब्लैक में बेचकर सालों से सरकारी योजना का चूना लगा रहे हैं।
इस फर्जीवाड़े की पोल खुलने के बाद पीड़िता ने 08 मई 2026 को ‘जय माता दी इण्डेन गैस एजेंसी’ के कार्यालय पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत की। उस वक्त आनन-फानन में उनका केवाईसी (KYC) तो कर दिया गया, लेकिन जब वह 10 दिन बाद दोबारा अपना सामान लेने पहुंचीं, तो एजेंसी के मैनेजर और मालिक ने सामान देने से साफ इनकार कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि अब अधिकारी और डीलर अपनी गर्दन बचाने के लिए एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टाल रहे हैं। एजेंसी के रवैये से तंग आकर विभा देवी ने जिलाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देकर मामले की उच्चस्तरीय जांच करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। एसडीओ शशांक राज ने इस मामले को गंभीरता से लिया है,और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी राजीव कुमार को जांच कर प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया है।