कोशी की तेज लहरों में डूबीं जिंदगी, पर अमर हो गई मां की ममता; आपदा मित्र ने देवदूत बन बचाईं 7 जानें, प्रस्तावित पुल के कछुआ गति से हो रहे निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग
कोशी की तेज लहरों में डूबीं जिंदगी, पर अमर हो गई मां की ममता; आपदा मित्र ने देवदूत बन बचाईं 7 जानें, प्रस्तावित पुल के कछुआ गति से हो रहे निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग
कोशी की तेज लहरों में डूबीं जिंदगी, पर अमर हो गई मां की ममता; आपदा मित्र ने देवदूत बन बचाईं 7 जानें,
प्रस्तावित पुल के कछुआ गति से हो रहे निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग
दस्तक 7 मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, जमालपुर।
बुधवार सुबह जमालपुर थाना क्षेत्र के तरवाड़ा गांव के समीप एक दर्दनाक नाव हादसा हो गया। नदी पार कर मूंग तोड़ने जा रहे 10 ग्रामीणों से भरी एक निजी नाव तेज बहाव के कारण बीच धारा में असंतुलित होकर पलट गई। इस हादसे ने जहां पूरे इलाके में चीख-पुकार मचा दी, वहीं एक मां के सर्वोच्च बलिदान और एक जांबाज युवक की बहादुरी की ऐसी दास्तान भी लिखी, जिसे सुन हर आंख नम है।
मां की ममता का सर्वोच्च बलिदान, बेटे को जिंदगी दे खुद हार गई सांसें–
इस हादसे में तरवाड़ा निवासी शिवशंकर यादव की पत्नी कंचन देवी की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब नाव पलटी और लहरें सबको अपनी आगोश में लेने लगीं, तब कंचन देवी के सामने उनका बेटा डूब रहा था। अपनी जान की परवाह न करते हुए मां ने पूरी ताकत से अपने बेटे को लहरों से ऊपर उठाए रखा और उसे सुरक्षित किनारे की तरफ धकेल दिया। बेटे को तो जिंदगी मिल गई, लेकिन खुद कंचन देवी गहरे पानी में समा गईं। स्थानीय ग्रामीण उनकी इस अमर ममता को अश्रुपूरित नमन कर रहे हैं।
देवदूत’ बना आपदा मित्र, जान पर खेलकर बचाईं 7 जिंदगियां–जहां सहायक कोशी का बहाव काल बनकर लोगों को लील रहा था, वहीं सहरसा जिले के रसलपुर निवासी रविंद्र कुमार यादव (पिता- लक्ष्मण यादव) मसीहा बनकर सामने आए। रिंग बांध पर कार्यरत आपदा मित्र रविंद्र ने जैसे ही चीख-पुकार सुनी, उन्होंने एक पल भी गंवाए बिना उफनती नदी में छलांग लगा दी। रविंद्र ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए एक-एक कर सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रविंद्र की इस जांबाजी की चौतरफा सराहना हो रही है। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें सेल्यूट किया। अनुमंडल प्रशासन बिरौल ने इस बहादुरी के लिए रविंद्र कुमार यादव को सरकारी स्तर पर सम्मानित करने की आधिकारिक घोषणा की है।
दो जिंदगी की तलाश में एसडीआरएफ–
खोजबीन के दौरान कंचन देवी का शव घटना स्थल से करीब दो किमी की दूरी पर जमालपुर थाना के निकट तैरता हुआ बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया गया है। हालांकि,अमीरा देवी (पति- राजा राम सदा, निवासी कुबौल मुसहरी)
नेहा कुमारी (उम्र 11 वर्ष, पिता- देबू सदा, निवासी कुबौल मुसहरी) की तलाश जारी है।
सिटी एसपी अशोक कुमार ने घटना स्थल का मुआयना करने के बाद मौके पर उपस्थित एसडीएम शशांक राज, एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी, और सीओ आशुतोष सनी, थानाध्यक्ष मुकेश कुमार सहित अन्य अधिकारियों के साथ विचार विमर्श की।
इस हादसे के बाद तरवाड़ा और आसपास के गांवों में मातम के साथ-साथ भारी आक्रोश भी है। ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे इलाके में आए दिन नाव हादसे होते रहते हैं और कई मासूम अपनी जान गंवा चुके हैं। प्रशासन और सरकार की सुस्ती पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने कहा, यहां एक पुल का निर्माण प्रस्तावित है। अगर वह पुल समय पर बनकर तैयार हो जाता, तो आज हमारे परिवार के लोगों को जान जोखिम में डालकर इस तरह नाव से नदी पार नहीं करनी पड़ती। यह हादसा सरकार और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही का नतीजा है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सरकार से बेहद तल्ख लहजे में मांग की है कि प्रस्तावित पुल के कछुआ गति से हो रहे निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि भविष्य में कोशी नदी किसी और मां की गोद या किसी का सुहाग न उजाड़ सके।
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