रिशु श्री टेंडर घोटाला: पूर्व संयुक्त सचिव समेत तीन अधिकारी गिरफ्तार, SVU की बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप

दस्तक 7मीडिया /पटना 

बिहार के बहुचर्चित रिशु श्री टेंडर घोटाला मामले में विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अधिकारियों में वित्त विभाग के पूर्व संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी, भवन निर्माण विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता तथा नगर विकास एवं आवास विभाग के एक कार्यपालक अभियंता शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद सरकारी महकमे और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

SVU द्वारा गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में मुमुक्षु चौधरी (पूर्व संयुक्त सचिव, वित्त विभाग), तारिणी दास (पूर्व मुख्य अभियंता, भवन निर्माण विभाग) तथा उमेश कुमार सिंह (कार्यपालक अभियंता, नगर विकास एवं आवास विभाग) शामिल हैं। एजेंसी ने पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इन तीनों को पटना से हिरासत में लिया।

तारनी दास

ममक्षु कुमार चौधरी 

टेंडर और पोस्टिंग के खेल का खुलासा

जांच एजेंसियों के अनुसार, मामले का मुख्य आरोपी रिशु रंजन सिन्हा उर्फ रिशु श्री, जो रिलायबल इन्फ्रा सर्विसेज का संचालक है, सरकारी विभागों में टेंडर हासिल करने और अधिकारियों की मनचाही पोस्टिंग कराने के लिए प्रभाव का इस्तेमाल करता था। आरोप है कि टेंडर स्वीकृत कराने, भुगतान पास कराने और अन्य सरकारी प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के बदले संबंधित अधिकारियों को भारी रिश्वत, विदेशी यात्राओं की सुविधा और महंगे उपहार दिए गए।

इससे पहले हुई छापेमारी के दौरान कई अधिकारियों के ठिकानों से करोड़ों रुपये नकद और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह पूरा मामला करीब 11.53 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है।

दो IAS अधिकारी पहले ही निलंबित

घोटाले की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार पहले ही दो आईएएस अधिकारियों अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार सागर को निलंबित कर चुकी है। वहीं मामले में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजीव हंस की भूमिका भी जांच के दायरे में है। सूत्रों के अनुसार, SVU उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

सहयोगियों पर भी कसता शिकंजा

जांच एजेंसियां रिशु श्री के नेटवर्क से जुड़े लोगों पर भी कार्रवाई कर रही हैं। हाल ही में उसके करीबी सहयोगी और मातोश्वरी कंपनी के निदेशक संतोष कुमार को भी गिरफ्तार किया गया था। एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ से भ्रष्टाचार के इस नेटवर्क के कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

विशेष अदालत में होगी पेशी

SVU गिरफ्तार तीनों अधिकारियों को विशेष निगरानी अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है। इसके बाद एजेंसी रिमांड पर लेकर इनके वित्तीय लेन-देन, कथित बेनामी संपत्तियों और अन्य संदिग्ध निवेशों की गहन जांच करेगी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।