भ्रष्ट अधिकारियों पर गिरी गाज: राजस्व विभाग की बड़ी कार्रवाई, 10 अफसरों पर शिकंजा,

एक अधिकारी की बर्खास्तगी की सिफारिश, कई अंचल अधिकारियों पर विभागीय जांच शुरू

दस्तक 7मीडिया / पटना 

बिहार सरकार ने भ्रष्टाचार, लापरवाही और कार्य में गंभीर अनियमितता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के 10 अधिकारियों को दंडित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभागीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई को सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अहम कदम माना जा रहा है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो सोनी कुमारी के खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई है। उन पर वर्ष 2021 से लगातार अनुपस्थित रहने तथा विभागीय जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप है।

वहीं अन्य अंचल अधिकारियों एवं राजस्व कर्मियों के खिलाफ प्रपत्र ‘क’ के तहत आरोप पत्र गठित कर गंभीर विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है। कुछ मामलों में दोष सिद्ध होने पर संबंधित अधिकारियों की पेंशन में कटौती की भी प्रक्रिया तय की गई है।

अनियमितताओं की लंबी सूची

जांच में सामने आया है कि कई अधिकारियों ने दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) मामलों में नियमों की अनदेखी करते हुए मनमाने ढंग से कार्य किया। आरोप है कि उन्होंने ‘पिक एंड चूज’ की नीति अपनाते हुए पहले आए आवेदनों को लंबित रखकर बाद में प्राप्त आवेदनों का निष्पादन किया, जिससे FIFO (फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट) प्रणाली का खुला उल्लंघन हुआ।

इसके अलावा आम लोगों के दाखिल-खारिज और म्यूटेशन से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने, राजस्व महाअभियान में रुचि नहीं लेने तथा बिना सूचना के कार्य से अनुपस्थित रहने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।

रिश्वतखोरी के मामलों ने बढ़ाई मुश्किलें

विभागीय कार्रवाई के दायरे में आए कुछ अधिकारियों को निगरानी ब्यूरो द्वारा रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था। इसके बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई को और तेज कर दिया गया।