दरभंगा :बिरौल में कोसी की सहायक नदी में नाव पलटी आपदा मित्र ने 7 को बचाया, दो महिला और एक बच्ची की तलाश जारी

दस्तक 7 मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता,जमालपुर। 

बिरौल अनुमंडल क्षेत्र के जमालपुर थाना अंतर्गत तरवाड़ा गांव में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। कोसी की सहायक नदी में करीब 10 लोगों से भरी एक छोटी निजी नाव अचानक पलट गई। इस हादसे में दो महिलाओं और एक 11 वर्षीय बच्ची के नदी में डूबने की आशंका है, जबकि रिंग बांध पर काम कर रहे एक जांबाज आपदा मित्र ने अपनी जान पर खेलकर 7 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
मिली जानकारी के अनुसार, तरवाड़ा गांव के रहने वाले करीब 10 लोग एक छोटी निजी नाव पर सवार होकर नदी पार खेतों में मूँग तोड़ने जा रहे थे। इसी दौरान नदी की तेज धारा और अत्यधिक प्रवाह के कारण नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह नदी में ही पलट गई। नाव पलटते ही चीख-पुकार मच गई।
जब नाव डूबी, उस वक्त रिंग बांध पर आपदा मित्र रविंदर कुमार यादव (पिता- लक्ष्मण यादव, निवासी- रसलपुर, थाना- सलखुआ, जिला- सहरसा) काम कर रहे थे। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए तुरंत नदी में छलांग लगा दी। रविंदर ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए डूब रहे 10 लोगों में से 7 लोगों को एक-एक कर सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया। उनकी इस बहादुरी की स्थानीय लोग काफी सराहना कर रहे हैं।
दो महिला और एक बच्ची लापता, खोज जारी
हादसे में दो महिलाएं और एक बच्ची तेज बहाव में बह गईं, जिनकी तलाश जारी है। लापता लोगों की पहचान कंचन देवी (पति- शिवशंकर यादव, ग्राम- तरवाड़ा, थाना- जमालपुर),अमीरा देवी (पति- राजाराम सदा, ग्राम- कुबूल मुसहरी, थाना-जमालपुर), नेहा कुमारी (उम्र 11 वर्ष, पिता- देबू सदा, ग्राम- कुबूल मुसहरी, थाना- जमालपुर) के रूप में बताया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीओ शशांक राज और एसडीपीओ (SDPO) प्रभाकर तिवारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उनके साथ जमालपुर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार और घनश्यामपुर थानाध्यक्ष आलोक कुमार भी पुलिस बल के साथ स्थिति को संभालने और राहत कार्य में जुट गए।
एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि जमालपुर थाना क्षेत्र के तरबाड़ा गांव के निकट कोसी के सहायक नदी में घटना हुई है। अब तक तीन लोगों के डूबने की सूचना मिली है।
एसडीओ शशांक राज ने बताया कि हादसा नदी के तेज बहाव के कारण हुआ है। आपदा मित्र की सतर्कता से 7 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। लापता दो महिलाओं और बच्ची की तलाश के लिए स्थानीय गोताखोरों और नावों की मदद ली जा रही है। साथ ही, रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज करने के लिए SDRF की टीम को भी बुला लिया गया है। प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है।