प्रशासनिक आदेश बेअसर, बिरौल-कुशेश्वर स्थान मार्ग पर नियमों को ठेंगा दिखा रहे यात्री वाहन संचालक

दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।

चार वर्ष पूर्व जिला पदाधिकारी के द्वारा दिए गए आदेशों की धज्जियां कैसे उड़ाई जाती हैं, इसका जीता-जागता उदाहरण बिरौल-कुशेश्वर स्थान मुख्य मार्ग पर देखने को मिल रहा है। दबंग बस संचालकों की मनमानी के कारण बिरौल के डुमरी बस पड़ाव आज महज एक ‘कागजी पुलिंदा’ बनकर रह गया है। नतीजतन, शहीद भगत सिंह स्मारक चौक स्थित मुख्य सड़क को जाम से मुक्ति दिलाने का सपना पूरी तरह चकनाचूर हो चुका है।
जाम से मुक्ति के लिए बना था बस पड़ाव–
स्थानीय लोगों की भारी शिकायत और शहीद भगत सिंह स्मारक क्षेत्र में रोज-रोज लगने वाले महाजाम से निजात दिलाने के लिए जिला पदाधिकारी के आदेशानुसार वर्ष 2022 में डुमरी के निकट एक आधिकारिक बस पड़ाव का संचालन शुरू किया गया था। प्रशासनिक प्रावधान के तहत इस मार्ग पर चलने वाले सभी यात्री वाहनों को यहाँ कुछ देर ठहराव अनिवार्य किया गया था। उद्देश्य साफ था,मुख्य सड़क पर गाड़ियां न रुकें और यातायात सुचारू रहे।


सरकारी आदेश को ठेंगा दिखाते हुए कुछ मनबढ़ू बस संचालकों ने नए बस पड़ाव पर रुकने से साफ इनकार कर दिया। और वे पूर्व की तरह शहीद भगत सिंह स्मारक क्षेत्र में ही अवैध रूप से गाड़ियां खड़ी करते आ रहे हैं।
इस मनमानी के खिलाफ तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी उमेश कुमार भारती और मनबढ़ू बस संचालक के बीच महीनों तक ‘जुर्माना वसूलने का दौर चलता रहा। आखिरकार, जिला प्रशासन के आदेश का अनदेखी करते हुए आज भी सभी प्रकार के यात्री वाहन शहीद भगत सिंह स्मारक क्षेत्र से गुजरने वाले SH-56 मुख्य मार्ग को ही अपना अवैध ठहराव बना लिया। आज स्थिति यह है कि यहां से गुजरने वाले राहगीर के अलावा न्यायालय के पदाधिकारी,स्कूल बस, एम्बुलेंस को जाम की समस्या से झेलना पड़ता है। इस अव्यवस्था के बीच एक नया विवाद टैक्स वसूली को लेकर खड़ा हो गया है। बताया जाता है कि अधिकृत बस पड़ाव पर गाड़ियां नहीं रुकने के कारण
पड़ाव संचालक की ओर से राज्य सरकार को निर्धारित राजस्व पूरा करने के उद्देश्य से डुमरी मोड़ के अलावा कोठी चौक, हाटगाछी में भी ऑटो और टोटो चालकों से टैक्स की वसूली शुरू कर दी गई। इसे अवैध मानते हुए पुलिस प्रशासन ने एक ऑटो चालक के आवेदन पर संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज किया है। इस मामले में वसूल कर रहे चार लोगों को भी हिरासत में लिया है।