बिहार पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल: 9 IPS अधिकारियों का तबादला, STF और मद्य निषेध ब्यूरो में नए चेहरे

दस्तक 7मीडिया /पटना 

बिहार सरकार के गृह विभाग ने सोमवार को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 9 वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला और अतिरिक्त प्रभार का आदेश जारी किया है। जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य में STF, रेलवे, मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो, आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS), बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस और विशेष सुरक्षा दल समेत कई महत्वपूर्ण इकाइयों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

इस फेरबदल में 2006 बैच के आईपीएस अधिकारी पंकज कुमार राज को पुलिस महानिरीक्षक (IG) नागरिक सुरक्षा के पद से हटाकर IG STF, बिहार बनाया गया है। साथ ही उन्हें IG रेलवे, बिहार का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वहीं एस. प्रेमलथा को तकनीकी सेवाएं एवं संचार शाखा से स्थानांतरित कर IG मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो नियुक्त किया गया है।

सरकार ने संजय कुमार को विशेष शाखा के IG पद पर बनाए रखते हुए बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) का अतिरिक्त प्रभार दिया है। वहीं सुधीर कुमार पोरिका को गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवाओं से स्थानांतरित कर DIG STF बनाया गया है।

प्रतीक्षा सूची से मिली नई जिम्मेदारी

लंबे समय से पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी कुमार गौतम को समादेष्टा, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-5, पटना के पद पर तैनात किया गया है।

ATS और CID में भी बदलाव

2012 बैच के अधिकारी सुभाष कुमार सरोज को यातायात DIG से स्थानांतरित कर DIG आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) बनाया गया है। हालांकि वे यातायात शाखा का अतिरिक्त प्रभार भी संभालते रहेंगे। वहीं दीपक रंजन को बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर से हटाकर DIG (डकैती निरोध), अपराध अनुसंधान विभाग (CID) में पदस्थापित किया गया है।

विशेष सुरक्षा दल और अश्वारोही बल में नई तैनाती

2018 बैच के अधिकारी मनीष कुमार सिन्हा को विशेष सुरक्षा दल से स्थानांतरित कर समादेष्टा, अश्वारोही विशेष सशस्त्र पुलिस, आरा बनाया गया है। वहीं अजय कुमार को BSAP-5, पटना से हटाकर समादेष्टा, विशेष सुरक्षा दल, बिहार की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

गृह विभाग के अवर सचिव दीपक कुमार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारियां संभालने का निर्देश दिया गया है। राज्य सरकार का यह कदम पुलिस प्रशासन को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।