कुशेश्वरस्थान में रेल परियोजना के रूट परिवर्तन के विरोध में महापंचायत, बाजार बंद का ऐलान।

दस्तक 7 मीडिया, कुशेश्वरस्थान।

सकरी –हसनपुर रेल परियोजना में पूर्व से चयनित रूट को बदलकर नए सिरे से कार्य शुरू करने की चर्चा के विरोध में कुशेश्वरस्थान क्षेत्र में जन आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत कुमार के नेतृत्व में कुशेश्वरस्थान की जनता ने एक महापंचायत आयोजित की, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, किसानों, युवाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

महापंचायत में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि सकरी–हसनपुर रेल परियोजना वर्ष 1994 से लंबित है और तीन दशक बीत जाने के बावजूद इस रेल लाइन पर परिचालन शुरू नहीं हो सका है। लोगों का कहना है कि जिस रूट का पूर्व में चयन किया गया था, उसी के आधार पर किसानों की जमीन का अधिग्रहण हुआ, मुआवजे का भुगतान किया गया तथा कई स्थानों पर मिट्टीकरण और अन्य प्रारंभिक कार्य भी पूरे किए गए। ऐसे में अब रूट परिवर्तन का प्रस्ताव स्थानीय जनता के हितों के खिलाफ है।
सभा को संबोधित करते हुए प्रशांत कुमार ने कहा कि कुशेश्वरस्थान की जनता वर्षों से रेल सुविधा की प्रतीक्षा कर रही है। यदि पहले से चयनित रूट पर कार्य आगे बढ़ाया जाता तो अब तक परियोजना काफी आगे बढ़ चुकी होती। उन्होंने सवाल उठाया कि जब किसानों को मुआवजा दिया जा चुका है और परियोजना पर सरकारी धन भी खर्च हो चुका है, तब रूट बदलने की आवश्यकता आखिर क्यों महसूस की जा रही है।
मुख्य पार्षद शत्रुघ्न पासवान ने महा पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि पक्षी विहार नाम का कुछ है ही नहीं फिर भी पक्षी विहार रेल परियोजना में बाधा उत्पन्न कर रहा है। हमलोगो का मांग है कि पुराने चयनित रेल रूट पर ही रेल सेवा बहाल होना चाहिए।
पूर्व युवा जदयू प्रदेश महासचिव गौरव कुमार राय ने महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि नई परियोजना में सरकार की लागत बढ़ रही है, पक्षी विहार तो रहा नहीं इसलिए पुराने रेल परियोजना पर ही सरकार को कार्य करना चाहिए, अगर ऐसा नहीं होता है तो ये आंदोलन चरणबद्ध तरीके से चलता रहेगा।
महापंचायत में वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि तथाकथित पक्षी विहार का हवाला देकर रेल परियोजना को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना था कि वर्तमान समय में क्षेत्र में पक्षी विहार की स्थिति पहले जैसी नहीं रही है और चयनित क्षेत्र की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। लोगों ने दावा किया कि जिस भूमि को पक्षी विहार क्षेत्र बताया जा रहा है, उसमें बड़ी मात्रा में रैयती भूमि शामिल है, जहां नियमित रूप से खेती-बाड़ी की जाती है।
बैठक में मौजूद किसानों ने कहा कि रेल परियोजना क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। रेल संपर्क स्थापित होने से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने सरकार और रेलवे प्रशासन से मांग की कि परियोजना को और अधिक विलंबित न किया जाए तथा पूर्व में स्वीकृत रूट पर ही निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जाए।
महापंचायत के दौरान आंदोलन को और तेज करने की रणनीति भी बनाई गई। निर्णय लिया गया कि यदि सरकार और संबंधित विभागों द्वारा जनता की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की जाती है तो मंगलवार से कुशेश्वरस्थान बाजार बंद कर विरोध दर्ज कराया जाएगा। साथ ही चरणबद्ध आंदोलन चलाने, जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगने तथा व्यापक जनजागरण अभियान शुरू करने की भी घोषणा की गई।
सभा के अंत में उपस्थित लोगों ने एक प्रस्ताव पारित कर सरकार से मांग की कि सकरी–हसनपुर रेल परियोजना को पुराने चयनित रूट पर ही जल्द से जल्द शुरू किया जाए। लोगों का कहना है कि कुशेश्वरस्थान की जनता अब और इंतजार करने को तैयार नहीं है और रेल परियोजना को लेकर उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक निर्माण कार्य धरातल पर शुरू नहीं हो जाता।