रिशु श्री के ‘फ्रंटमैन’ पर SVU का शिकंजा, करोड़ों के टेंडर खेल में संतोष कुमार गिरफ्तार
रिशु श्री के ‘फ्रंटमैन’ पर SVU का शिकंजा, करोड़ों के टेंडर खेल में संतोष कुमार गिरफ्तार
रिशु श्री के ‘फ्रंटमैन’ पर SVU का शिकंजा, करोड़ों के टेंडर खेल में संतोष कुमार गिरफ्तार
दस्तक 7मीडिया /पटना
भ्रष्टाचार, सरकारी टेंडरों में कथित हेराफेरी और गोपनीय सूचनाओं के दुरुपयोग से जुड़े चर्चित मामले में विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रिशु श्री के करीबी सहयोगी माने जाने वाले संतोष कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उसे निगरानी न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया गया।
एसवीयू थाना कांड संख्या-05/2025 में दर्ज इस मामले की जांच के दौरान एजेंसी को ऐसे कई तथ्य मिले हैं, जिनके आधार पर संतोष कुमार की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच एजेंसी का दावा है कि संतोष कुमार केवल एक कर्मचारी नहीं था, बल्कि वह उन कंपनियों का चेहरा था, जिनके माध्यम से सरकारी टेंडरों के बड़े खेल को अंजाम दिया जा रहा था।
विशेष निगरानी इकाई के अपर पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार दाराद ने बताया कि संतोष कुमार, पिता रामजी प्रसाद, मीठापुर स्थित बी-एरिया बंगाली रोड का निवासी है और कांड का नामजद अभियुक्त है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज है।
जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी रिशु श्री ने संतोष कुमार के नाम पर एम/एस अर्बन एनवायरनमेंटल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और एम/एस मातृस्वा कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड का गठन कराया था। आरोप है कि इन कंपनियों के माध्यम से सरकारी विभागों के टेंडर हासिल किए जाते थे और पूरे नेटवर्क का संचालन पर्दे के पीछे से किया जाता था।
सूत्रों की मानें तो एसवीयू की जांच अब केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। एजेंसी उन अधिकारियों, कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों की भूमिका भी खंगाल रही है, जिनके जरिए सरकारी निविदाओं से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएं लीक होने और नियमों को दरकिनार कर लाभ पहुंचाने की आशंका है। इसी वजह से इस मामले को राज्य के हाल के सबसे चर्चित भ्रष्टाचार मामलों में गिना जा रहा है।
एसवीयू अधिकारियों का कहना है कि संतोष कुमार की गिरफ्तारी से जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। एजेंसी अब उसके बैंक खातों, कंपनियों के वित्तीय दस्तावेजों, टेंडर प्रक्रियाओं और अन्य संदिग्ध लेन-देन की गहन पड़ताल कर रही है। जांच के दायरे में आने वाले अन्य लोगों पर भी जल्द कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
गौरतलब है कि यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम और बीएनएस की गंभीर धाराओं से जुड़ा है, जिसके कारण पूरे प्रशासनिक महकमे में हलचल मची हुई है। SVU की इस कार्रवाई को टेंडर माफिया और भ्रष्ट नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।