दरभंगा डीएम ने लिया संज्ञान,लोगों के चेहरे पर आई मुस्कान,मे आई हेल्प यू” हेल्प डेस्क पर कर्मी दो शिफ्ट में निभा रहे ड्यूटी
दरभंगा डीएम ने लिया संज्ञान,लोगों के चेहरे पर आई मुस्कान,मे आई हेल्प यू” हेल्प डेस्क पर कर्मी दो शिफ्ट में निभा रहे ड्यूटी
दरभंगा डीएम ने लिया संज्ञान,लोगों के चेहरे पर आई मुस्कान,मे आई हेल्प यू” हेल्प डेस्क पर कर्मी दो शिफ्ट में निभा रहे ड्यूटी
दस्तक 7मीडिया /गुड्डू राज
दस्तक 7 मीडिया में प्रकाशित खबर का असर अब साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। दरभंगा समाहरणालय परिसर में जिला पदाधिकारी कार्यालय के बाहर बने “मे आई हेल्प यू” हेल्प डेस्क पर कर्मियों की अनुपस्थिति को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। जिला पदाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए हेल्प डेस्क की व्यवस्था को दुरुस्त कराया है। दो शिफ्ट में कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है,जिससे आम लोगों को काफी राहत मिली है और उनके चेहरे पर मुस्कान लौट आई है। गौरतलब है कि दरभंगा समाहरणालय में प्रतिदिन जिले के विभिन्न प्रखंडों और गांवों से बड़ी संख्या में लोग अपने कामकाज के लिए पहुंचते हैं। यहां कई विभागों और अधिकारियों के कार्यालय संचालित होते हैं। लोगों को अक्सर यह जानकारी नहीं होती कि किस विभाग का कार्यालय कहां है या किस अधिकारी से मिलने के लिए किस भवन में जाना है। इसी परेशानी को दूर करने के लिए जिला पदाधिकारी कार्यालय के बाहर “मे आई हेल्प यू” हेल्प डेस्क की स्थापना की गई थी। हेल्प डेस्क पर एक सूचना बोर्ड भी लगाया गया है,जिसमें लिखा गया है कि यहां से सरकार के विभिन्न विभागों और कार्यालयों से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है। लेकिन कुछ दिनों से स्थिति इसके विपरीत थी। हेल्प डेस्क पर कुर्सी,टेबल और बोर्ड तो मौजूद थे,लेकिन वहां तैनात कर्मी अक्सर अपनी ड्यूटी से गायब रहते थे। इसके कारण लोगों को किसी प्रकार की सहायता नहीं मिल पा रही थी। दस्तक 7 मीडिया ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। खबर में बताया गया था कि मंगलवार को भी हेल्प डेस्क पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। दूर-दराज से आए कई लोग घंटों वहां बैठकर जानकारी मिलने का इंतजार करते रहे,लेकिन उनकी मदद के लिए कोई नहीं पहुंचा। इसके बाद लोगों को मजबूर होकर समाहरणालय परिसर में इधर-उधर भटकना पड़ा। कई लोगों ने विभिन्न कार्यालयों का पता लगाने के लिए कर्मचारियों और अन्य लोगों से पूछताछ की। काफी मशक्कत के बाद उन्हें अपने संबंधित कार्यालयों तक पहुंचने का रास्ता मिला। इस दौरान लोगों ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की थी। उनका कहना था कि यदि हेल्प डेस्क पर कर्मचारी मौजूद रहते तो उन्हें भीषण गर्मी में भटकना नहीं पड़ता और उनका समय भी बच जाता। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की थी कि हेल्प डेस्क को प्रभावी बनाया जाए और वहां तैनात कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। दस्तक 7 मीडिया द्वारा खबर प्रकाशित किए जाने के बाद जिला पदाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया। प्रशासन की ओर हेल्प डेस्क पर दो शिफ्ट में कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी गई। अब कार्यालय अवधि के दौरान वहां लगातार कर्मी मौजूद रह रहे हैं और समाहरणालय आने वाले लोगों को सही जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध करा रहे हैं। समाहरणालय पहुंचने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि अब उन्हें कार्यालय खोजने में परेशानी नहीं हो रही है। हेल्प डेस्क पर मौजूद कर्मी उन्हें संबंधित विभाग और अधिकारियों के कार्यालय तक पहुंचने में मदद कर रहे हैं। इससे उनका समय भी बच रहा है और अनावश्यक परेशानी भी नहीं हो रही है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए दस्तक 7 मीडिया की भी सराहना की है। उनका कहना है कि जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का ही परिणाम है कि प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और व्यवस्था में सुधार हुआ। लोगों ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी हेल्प डेस्क की व्यवस्था इसी तरह सुचारू रूप से चलती रहेगी,ताकि आम जनता को इसका पूरा लाभ मिल सके। समाहरणालय आने वाले नागरिकों का मानना है कि यदि प्रशासन लगातार निगरानी रखे और कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करे तो “मे आई हेल्प यू” हेल्प डेस्क वास्तव में लोगों के लिए मददगार साबित होगा और सरकारी कार्यालयों में आने वाली जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सकेगा।