बिरौल का कोठी चौक बना ‘नरक’ अवैध मांस-मछली दुकानों की गंदगी से सड़ रहा इलाका, महामारी का खतरा

दस्तक 7 मिडिया, बिरौल,दरभंगा।


बिरौल थाना क्षेत्र का प्रमुख कोठी चौक इन दिनों आम राहगीरों और स्थानीय निवासियों के लिए दुःस्वप्न बन चुका है। विकास और स्वच्छता के दावों के बीच, यह चौक प्रशासनिक लापरवाही के कारण गंदगी और असहनीय दुर्गंध का केंद्र बन गया है। स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि यहां से गुजरने वाले हर शख्स को अपनी नाक पर रुमाल रखने को मजबूर होना पड़ रहा है। जानकारों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, कोठी चौक पर बिना किसी नियम-कायदे के अवैध रूप से मांस, मछली और मुर्गे की दुकानें संचालित हो रही हैं। इन दुकानों से निकलने वाले कचरे और खून को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करने के बजाय, दुकानदार इसे खुलेआम सड़कों पर और पुल के ठीक नीचे फेंक देते हैं। वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण पुल के नीचे फेंके गए जीवों के अवशेष तेजी से सड़ रहे हैं। इस सड़न से उठने वाली तीव्र दुर्गंध ने पूरे इलाके की हवा को जहरीला बना दिया है।
यह गंदगी सिर्फ दुर्गंध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इलाके में एक बड़ी महामारी को दावत दे रही है। सड़ते हुए अवशेषों पर भिनभिनाती मक्खियाँ, पनपते मच्छर और आवारा पशुओं का जमावड़ा अब गंभीर बीमारियों का अड्डा बन चुका है। स्थानीय लोगों में हैजा, टाइफाइड और त्वचा संबंधी बीमारियों का डर सता रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस पूरे मामले को देखने वाला कोई नहीं है। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग जनहित के मुद्दे पर पूरी तरह आंखें मूंदे बैठा है। राहगीरों का कहना है कि इस रास्ते से पैदल या बाइक से गुजरना सजा जैसा हो गया है। कोठी चौक आते ही सांस रोकना पड़ता है।
स्थानीय प्रबुद्ध नागरिको का कहना है कि अगर इन अवैध दुकानों पर जल्द ही नकेल नहीं कसी गई और सफाई की व्यवस्था नहीं हुई, तो यहां के लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ सकते हैं।
मालूम हो कि यह खबर किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि कोठी चौक से गुजरने वाले हर आम नागरिक के स्वास्थ्य से जुड़ी है। स्थानीय प्रशासन (बिरौल थाना और पंचायत) को तुरंत इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए, अवैध दुकानों को चिन्हित कर उन पर जुर्माना लगाना चाहिए और पुल के नीचे जमी गंदगी को तत्काल साफ करवाना चाहिए।