मासिक अपराध गोष्ठी में एसएसपी सख्त, 14 थानाध्यक्षों को चेतावनी, 15 का वेतन रोका ,लंबित कांडों के निष्पादन में सुधार, नशा तस्करी पर कार्रवाई और विधि-व्यवस्था सुदृढ़ करने के दिए निर्देश

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा

वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी  ने बुधवार को अपने कार्यालय में मई 2026 की मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित कर जिले की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में नगर पुलिस अधीक्षक, सहायक पुलिस अधीक्षक, सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अंचल पुलिस निरीक्षक, थानाध्यक्ष एवं शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान हत्या, डकैती, लूट, दहेज हत्या समेत विभिन्न श्रेणियों के लंबित, दर्ज एवं निष्पादित कांडों की थानावार समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि कई थानों में लंबित मामलों की संख्या निष्पादित मामलों की तुलना में तीन गुना से अधिक है। इस पर एसएसपी ने बहेड़ा, बहेड़ी, लहेरियासराय, सदर, विश्वविद्यालय, बहादुरपुर, केवटी, बिरौल, कमतौल, सिमरी, हायाघाट, घनश्यामपुर, मब्बी और विशनपुर थाना प्रभारी समेत कुल 14 थानाध्यक्षों को सख्त चेतावनी देते हुए कार्यप्रणाली में सुधार लाने का निर्देश दिया।

वहीं वर्ष 2025 के समर्पित आरोप पत्रों की कोर्ट रिसीविंग हिंदी शाखा में कम जमा करने के मामले में लहेरियासराय, नगर, विश्वविद्यालय, सदर, सोनकी, बहादुरपुर, पतोर, विशनपुर, मोरो, केवटी, सिंहवाड़ा, बहेड़ा, बहेड़ी, बिरौल और घनश्यामपुर थाना प्रभारी समेत 15 थानाध्यक्षों का वेतन अगले आदेश तक धारित करने का निर्देश दिया गया।

अपराध गोष्ठी में ई-समन, वारंट, इश्तेहार एवं कुर्की के निष्पादन में तेजी लाने, नशीले पदार्थों एवं अवैध दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने, लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन, सड़क दुर्घटना मामलों में आई-रैड और ई-डार की समय पर प्रविष्टि सुनिश्चित करने तथा सक्रिय अपराधियों का गुंडा पंजी अद्यतन करने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा महत्वपूर्ण मामलों के वीडियो ई-साक्ष्य ऐप पर अपलोड करने, शराब तस्करों और चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने, थाना क्षेत्रों में सघन गश्ती बढ़ाने तथा फरियादियों के साथ शालीन व्यवहार करते हुए उनकी शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने पर विशेष जोर दिया गया। न्यायालय से प्राप्त परिवाद पत्रों पर शीघ्र प्राथमिकी दर्ज करने, डायल-112 पर प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निष्पादन तथा प्रतिदिन सुबह थाना स्तर पर पदाधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यों की समीक्षा करने का भी निर्देश दिया गया।

बैठक के बाद एसएसपी ने पुलिस सभा का आयोजन कर पुलिसकर्मियों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।