राबड़ी आवास विवाद पर तेज प्रताप का पलटवार, बोले- मां के सम्मान पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं

दस्तक 7मीडिया ,पटना /

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को खाली करने के नोटिस पर सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर उनके बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्हें भाषा संयमित रखने की नसीहत दी है।

दरअसल, नई सरकार के गठन के बाद सरकारी आवासों के पुनरावंटन की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसी क्रम में राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस दिया गया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा था कि “सरकारी घर किसी की बपौती नहीं है और इसे खाली होने से कोई माई का लाल रोक नहीं सकता।”

मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सम्राट चौधरी की एक पुरानी तस्वीर साझा की, जिसमें वे राबड़ी देवी के पैर छूते नजर आ रहे हैं। इसके साथ उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को हमेशा मर्यादित और संयमित भाषा का प्रयोग करना चाहिए।

तेज प्रताप ने कहा कि किसी भी व्यक्ति पर टिप्पणी करते समय उसकी उम्र, सामाजिक सम्मान और गरिमा का ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी मां उनका सम्मान हैं और उन पर किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

राजद नेता ने यह भी आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी जिस संवैधानिक कुर्सी पर बैठे हैं, उसकी गरिमा का सम्मान नहीं कर पा रहे हैं। साथ ही उन्होंने सरकार से सवाल किया कि यदि सरकारी आवास खाली कराना नियम है, तो पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा के आवासों को लेकर समान कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।

तेज प्रताप यादव ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए दावा किया कि अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने वाले सम्राट चौधरी स्वयं आने वाले 8 से 9 महीनों में मुख्यमंत्री पद छोड़ने को मजबूर होंगे।

राबड़ी आवास विवाद को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे बिहार की राजनीति में नया सियासी संग्राम छिड़ गया है।