नगर पंचायत में सहयोग शिविर फ्लॉप, जनता परेशान, 6 प्रमुख विभाग गायब,अधिकारियों ने झाड़ा पल्ला, कहा शिविर की सूचना नहीं थी

दस्तक 7 मिडिया, घनश्यामपुर।

आम जनता को एक ही छत के नीचे सरकारी योजनाओं का लाभ देने के दावों की हवा मंगलवार को उस समय निकल गई, जब नगर पंचायत घनश्यामपुर के वार्ड-5 स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित ‘सहयोग शिविर’ पूरी तरह फ्लॉप साबित हुआ। शिविर में प्रशासनिक कुप्रबंधन और विभागों के बीच आपसी तालमेल की भारी कमी देखने को मिली। स्वास्थ्य, शिक्षा और बैंकिंग समेत 6 मुख्य विभागों के अनुपस्थित रहने से दूर-दूर से आए लाभुकों को निराश होकर खाली हाथ लौटना पड़ा। शिविर से


स्वास्थ्य विभाग (अस्पताल की टीम गायब),
शिक्षा विभाग (स्कूली व अन्य योजनाओं की जानकारी ठप),बाल विकास परियोजना (ICDS) (आंगनबाड़ी व महिला कल्याण से जुड़ी सेवाएं बंद),
पशुपालन विभाग, बैंकिंग क्षेत्र,पंचायती राज विभाग के अधिकारी अनुपस्थित रहे।
शिविर में पहुंचे स्थानीय निवासी कुमार आनंद, भोला झा, कन्हैया कुमार,विकास शर्मा ने प्रशासन के खिलाफ तीखा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि घंटो इंतजार करने के बाद भी संबंधित विभागों के अधिकारी नहीं पहुंचे। सबसे गंभीर बात यह रही कि जिन लोगों ने अपने आवेदन जमा भी किए, उन्हें कोई प्राप्ति रसीद (पावती) तक नहीं दी गई। लोगों ने इसे सरकारी तंत्र की घोर लापरवाही बताते हुए उच्चाधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है।
इस अव्यवस्था के बीच कुछ अधिकारियों ने मोर्चा संभाले रखा और लोगों की शिकायतें सुनीं। उनमें से
संजू कुमारी (कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत),
बमबम कुमार (प्रखंड श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी),
वीरेंद्र कुमार (राजस्व कर्मचारी),आनंद केशरी (कृषि विभाग),चंदन कुमार एवं अरविंद कुमार (बिजली विभाग) मुख्य थे।
इस महा-लापरवाही पर जब विभिन्न विभागों के प्रमुखों से बात की गई, तो चौंकाने वाले बयान सामने आए। लगभग सभी ने जिला स्तर से सूचना न मिलने का रोना रोया। रजनीश कुमार (BDO), “नगर पंचायत में इस तरह के किसी सहयोग शिविर के आयोजन की जानकारी प्रखंड प्रशासन को नहीं थी।
सचिन कुमार (प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी)”जिला स्तर से हमें केवल तुमौल और जयदेवपट्टी में शिविर लगाने का निर्देश मिला था, घनश्यामपुर का नहीं।
डॉ. वंदना कुमारी (अस्पताल प्रभारी) “स्वास्थ्य विभाग को नगर पंचायत के शिविर की कोई सूचना नहीं मिली। हमारी टीम तुमौल और जयदेवपट्टी में थी।
सुधीर साहू (CDPO)”हमारे विभाग को इस शिविर से जुड़ी कोई सूचना या आमंत्रण नहीं दिया गया था, इसलिए कर्मी उपस्थित नहीं हो सके।
डॉ. उत्तम कुमार (पशु चिकित्सक पदाधिकारी)। “नगर पंचायत घनश्यामपुर में शिविर की कोई आधिकारिक सूचना विभाग के पास नहीं थी।
स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में आयोजित होने वाले शिविरों की रूपरेखा पहले से तय की जाए और सभी विभागों की सहभागिता अनिवार्य की जाए। बिना तैयारी और बिना सूचना के ऐसे कागजी शिविर आयोजित कर जनता के समय और पैसे की बर्बादी बंद होनी चाहिए।