दहेज और प्रताड़ना की बलिवेदी पर चढ़ी एक और बेटी, ससुराल में नहीं नसीब हुई दो गज जमीन, मायके में भाई ने दी मुखाग्नि, ससुर को भेजा जेल,

दस्तक 7 मिडिया, घनश्यामपुर/बिरौल।

सपनों के संसार को संजोकर जिस चौखट पर एक साल पहले बेटी की डोली उठी थी, उसी चौखट पर मंगलवार को उसकी अर्थी सजी। घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के विनोवानगर में हुई नवविवाहिता रेखा देवी की संदिग्ध मौत ने न केवल एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है, बल्कि इंसानियत को भी शर्मसार कर दिया है। हत्या का आरोप लगने के बाद जहां ससुराल वाले घर छोड़कर फरार हो गए, वहीं ग्रामीणों के विरोध के कारण मृतका को ससुराल की मिट्टी में अंतिम संस्कार तक नसीब नहीं हुआ। आखिरकार, मायके बड़गांव में भाई ने नम आंखों से अपनी बहन को मुखाग्नि दी।
जानकारी के अनुसार, कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के बड़गांव निवासी पीताम्बर पंडित ने अपनी पुत्री रेखा कुमारी की शादी 7 मार्च 2025 को विनोवानगर निवासी सीतानंद पंडित उर्फ चंदन पंडित के साथ बड़े ही अरमानों से की थी। लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही खुशियों को ग्रहण लग गया। मृतका के पिता का आरोप है कि बच्चा नहीं होने को लेकर ससुराल पक्ष के लोग रेखा को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे। इसी क्रूरता की पराकाष्ठा तब सामने आई जब रेखा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का सीधा आरोप है कि रेखा की गला घोंटकर या जहर देकर हत्या की गई है।
घटना की सूचना मिलने पर घनश्यामपुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच,भेज दिया। सोमवार की देर रात करीब 8 बजे जब पोस्टमार्टम के बाद शव विनोवानगर (ससुराल) पहुंचा, तो वहां की स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई।
आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग पहले ही ताला बंद कर फरार हो चुके थे,और कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने वहां अंतिम संस्कार करने पर आपत्ति जताते हुए माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। किसी भी अप्रिय घटना से बचने और न्याय की आस में थक चुके पिता पीताम्बर पंडित आधी रात को ही अपनी बेटी के शव को लेकर वापस अपने गांव बड़गांव आ गए।
मंगलवार की सुबह बड़गांव में जब रेखा की अर्थी उठी, तो पूरा इलाका चीखों और आंसुओं से डूब गया। जिस आंगन से एक साल पहले मांगलिक गीतों के बीच विदाई हुई थी, वहां से आज अर्थी उठ रहा था। मृतका के छोटे भाई अंकित कुमार ने कांपते हाथों से अपनी बड़ी बहन को मुखाग्नि दी।
इस दौरान रेखा की मां लाल दाय देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। उनकी चीखें सांत्वना देने आए हर शख्स की आंखें नम कर रही थीं। मां बार-बार बदहवास होकर कह रही थी। बेटी को विदा करने के लिए जो कर्ज माथे पर लिया था, उसकी एक-एक पाई अभी बाकी है। कर्ज का बोझ उतरा नहीं और मेरी बच्ची को इन जालिमों ने मार डाला। हमें कुछ नहीं चाहिए, बस प्रशासन मेरी बेटी के कातिलों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाए।
घटना के बाद से ही स्थानीय पुलिस मामले पर पैनी नजर रखे हुए है। घनश्यामपुर थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि मृतका के पिता के बयान के आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी (मृतका के ससुर) रमन पंडित को गिरफ्तार कर लिया है, जिसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। थानाध्यक्ष ने आश्वस्त किया कि पति सीतानंद पंडित सहित मामले के अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।