67 साल का बनकर कनाडा भागने की फिराक में था 24 वर्षीय युवक, CISF की सतर्कता से एयरपोर्ट पर धराया
67 साल का बनकर कनाडा भागने की फिराक में था 24 वर्षीय युवक, CISF की सतर्कता से एयरपोर्ट पर धराया
67 साल का बनकर कनाडा भागने की फिराक में था 24 वर्षीय युवक, CISF की सतर्कता से एयरपोर्ट पर धराया
दस्तक 7मीडिया ,नई दिल्ली
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ की सतर्कता ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश कर दिया। कनाडा जाने की तैयारी में जुटे 24 वर्षीय युवक ने खुद को 67 वर्षीय बुजुर्ग दिखाने के लिए ऐसा भेष बनाया कि पहली नजर में किसी को शक न हो, लेकिन सीआईएसएफ जवानों की पैनी नजरों से उसकी चालाकी बच नहीं सकी।
जानकारी के अनुसार, टर्मिनल-3 के चेक-इन एरिया में प्रोफाइलिंग और व्यवहार विश्लेषण के दौरान सीआईएसएफ कर्मियों को एक यात्री की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पूछताछ में उसने अपना नाम रशविंदर सिंह सहोता और उम्र 67 वर्ष बताई। वह एयर कनाडा की उड़ान से कनाडा जाने वाला था।
जांच के दौरान अधिकारियों को उसकी उम्र और पासपोर्ट में दर्ज उम्र के बीच स्पष्ट अंतर दिखाई दिया। उसकी आवाज, त्वचा और हाव-भाव किसी युवा व्यक्ति जैसे थे। गहन निरीक्षण में पता चला कि उसने अपने बाल और दाढ़ी को सफेद रंग से रंग रखा था तथा बुजुर्ग दिखने के लिए चश्मा पहन रखा था।
संदेह गहराने पर उसे विस्तृत जांच के लिए ले जाया गया। मोबाइल फोन की जांच में एक अन्य पासपोर्ट की सॉफ्ट कॉपी मिली, जिसमें उसका नाम गुरु सेवक सिंह और उम्र 24 वर्ष दर्ज थी। पूछताछ में उसने स्वीकार कर लिया कि वह 67 वर्षीय रशविंदर सिंह सहोता के नाम से जारी पासपोर्ट पर विदेश जाने की कोशिश कर रहा था।
सीआईएसएफ के सहायक महानिरीक्षक एवं जनसंपर्क अधिकारी अपूर्व पांडे के अनुसार, मामला फर्जी दस्तावेज के इस्तेमाल से जुड़ा होने के कारण आरोपी को उसके सामान सहित हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस के हवाले कर दिया गया।
सीआईएसएफ की मुस्तैदी और सूझबूझ के चलते एक संभावित दस्तावेजी धोखाधड़ी का मामला समय रहते पकड़ में आ गया और फर्जी पहचान के सहारे विदेश भागने की कोशिश नाकाम हो गई।