प्रशिक्षु दारोगाओं को एसएसपी का सख्त संदेश, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और वैज्ञानिक साक्ष्य पर दिया जोर
प्रशिक्षु दारोगाओं को एसएसपी का सख्त संदेश, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और वैज्ञानिक साक्ष्य पर दिया जोर
प्रशिक्षु दारोगाओं को एसएसपी का सख्त संदेश, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और वैज्ञानिक साक्ष्य पर दिया जोर
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) दरभंगा ने सोमवार को अपने कार्यालय कक्ष में सभी अंचल पुलिस निरीक्षकों एवं वर्ष 2023 बैच के प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षकों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में प्रशिक्षु अवर निरीक्षकों के व्यवहारिक प्रशिक्षण की प्रगति की समीक्षा करते हुए पुलिस अनुसंधान की गुणवत्ता सुधारने तथा कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों के प्रभावी निष्पादन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
एसएसपी ने कहा कि सात वर्ष से अधिक सजा वाले मामलों में फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की रिपोर्ट को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। आर्म्स एक्ट एवं अन्य गंभीर मामलों की केस डायरी में घटनास्थल का विवरण और अनुसंधान संबंधी तथ्यों को सुनियोजित एवं स्पष्ट रूप से अंकित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों को अंचल पुलिस निरीक्षक कार्यालय में उपलब्ध विभिन्न प्रकार की केस डायरियों का अध्ययन करने, सड़क जाम एवं पुलिस पर हमले से जुड़े मामलों की समीक्षा करने तथा वाहन चोरी के मामलों के सफल उद्भेदन के लिए विशेष प्रयास करने को कहा गया।
एसएसपी ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के संरक्षण और वैज्ञानिक अनुसंधान पर जोर देते हुए निर्देश दिया कि डिजिटल साक्ष्यों की हैश वैल्यू (Hash Value) निकालकर अनुसंधान की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जाए। साथ ही प्रशिक्षु अधिकारियों को थाना स्तर पर आयोजित चौकीदारी परेड में नियमित रूप से भाग लेने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बिना पर्याप्त कारण और चिकित्सीय आधार के मृत्यु के कारण का उल्लेख नहीं किया जाए। एसएसपी ने कहा कि व्यवहारिक प्रशिक्षण के दौरान पुलिस के मूल कर्तव्यों, अनुसंधान की बारीकियों और विधिसम्मत कार्रवाई की प्रक्रिया को गंभीरता से समझना आवश्यक है, ताकि भविष्य में बेहतर पुलिसिंग सुनिश्चित की जा सके।