घुस लेने वाले अधिकारी/ कर्मचारी पर निगरानी विभाग की विशेष नजर ,आम जनता से भी की गई अपील ? जून तक 80 लोकसेवकों पर कार्रवाई का लक्ष्य।
घुस लेने वाले अधिकारी/ कर्मचारी पर निगरानी विभाग की विशेष नजर ,आम जनता से भी की गई अपील ? जून तक 80 लोकसेवकों पर कार्रवाई का लक्ष्य।
घुस लेने वाले अधिकारी/ कर्मचारी पर निगरानी विभाग की विशेष नजर ,आम जनता से भी की गई अपील ? जून तक 80 लोकसेवकों पर कार्रवाई का लक्ष्य।
दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने अपनी मुहिम और तेज कर दी है। सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने विशेष अभियान शुरू किया है। विभाग ने वर्ष 2026 की पहली छमाही के अंत तक 80 भ्रष्ट लोकसेवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत राज्यभर में संदिग्ध अधिकारियों और कर्मचारियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
निगरानी ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार मई माह तक भ्रष्टाचार से जुड़े 62 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। इनमें 25 मई तक 55 अभियुक्तों को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान 24 लाख रुपये से अधिक की रिश्वत राशि भी बरामद की गई है। अधिकारियों का कहना है कि लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर विशेष धावा दल गठित कर कार्रवाई की जा रही है।
पश्चिम चंपारण समेत कई जिलों में निगरानी टीमों को सक्रिय किया गया है। विभाग का मानना है कि यदि इसी रफ्तार से कार्रवाई जारी रही तो जून तक भ्रष्टाचार विरोधी अभियान नया रिकॉर्ड स्थापित कर सकता है।
विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2025 की पहली छमाही में 46 मामले दर्ज हुए थे, जबकि पूरे वर्ष में 122 प्राथमिकी दर्ज की गई थीं। इनमें 101 मामले ट्रैप कार्रवाई से जुड़े थे। इस बार शुरुआती छह महीनों में ही कार्रवाई की रफ्तार पिछले वर्षों की तुलना में अधिक दिखाई दे रही है।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार ने कहा कि भ्रष्टाचार की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है तो इसकी सूचना तत्काल निगरानी विभाग को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।