बैंकिंग सेवाओं के विस्तार पर जोर, ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेंगी नई बैंक शाखाएं,डीएलसीसी बैठक में वार्षिक साख योजना, कृषि ऋण, पीएमईजीपी, पीएमएफएमई और स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की समीक्षा

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में शनिवार को जिला स्तरीय परामर्शदात्री एवं समीक्षा समिति (डीएलसीसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त स्वप्निल ने की। इस दौरान जिले में संचालित विभिन्न बैंकिंग एवं वित्तीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में वार्षिक साख योजना, साख-जमा अनुपात (सीडी रेशियो), जिला गव्य विकास योजना, जीविका स्वयं सहायता समूह, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई), प्रधानमंत्री जनधन योजना तथा आरसेटी द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।

उप विकास आयुक्त ने जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक को पंचायत सरकार भवनों का सर्वेक्षण कर आवश्यकता के अनुसार नए बैंक शाखाओं की स्थापना का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाना प्राथमिकता होनी चाहिए ताकि आम लोगों को वित्तीय सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सके।

बैठक में सभी बैंक अधिकारियों को वार्षिक साख योजना के लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने तथा ऋण वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लंबित आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया गया।

जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक विकास कुमार ने बताया कि सहयोग शिविरों में प्राप्त बैंकिंग संबंधी आवेदनों का 10 दिनों के भीतर निस्तारण किया जाएगा। वहीं राष्ट्रीय लोक अदालत से जुड़े मामलों की अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया।

उप विकास आयुक्त ने सीडी रेशियो में सुधार लाने तथा पीएमईजीपी और पीएमएफएमई जैसी योजनाओं के लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन कर लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।

आरसेटी द्वारा संचालित कौशल विकास कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि युवाओं और महिलाओं को ब्यूटी पार्लर, सिलाई-कढ़ाई समेत विभिन्न स्वरोजगार आधारित व्यवसायों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे रोजगार एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है।

नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक राज नंदनी ने बैंक अधिकारियों को कृषि ऋण से संबंधित सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने का निर्देश दिया ताकि किसानों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध हो सके।

बैठक में केवटी विधायक मुरारी मोहन झा, आरबीआई के प्रतिनिधि, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, नाबार्ड की डीडीएम राज नंदनी, वरीय उप समाहर्ता प्रियंका कुमारी, विभिन्न बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधक, विभागीय अधिकारी एवं बैंक प्रतिनिधि उपस्थित थे।