रिशु श्री कनेक्शन पर चला सरकार का हथौड़ा! विदेशी सैर, पूजा-पाठ और टेंडर खेल के आरोपों में दो IAS निलंबित

दस्तक 7मीडिया /पटना 

बिहार के बहुचर्चित टेंडर घोटाले में आखिरकार सरकार की बड़ी कार्रवाई सामने आ गई है। कथित बिचौलिये ऋषु श्री से जुड़े मामलों में नाम आने के बाद बिहार सरकार ने दो आईएएस अधिकारियों अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार सागर को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

जांच एजेंसियों प्रवर्तन निदेशालय (ED) और विशेष सतर्कता इकाई (SVU) की पड़ताल में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। आरोप है कि मुख्य आरोपी ऋषु श्री सरकारी टेंडरों की सेटिंग कराने के नाम पर करोड़ों रुपये का खेल संचालित करता था और उसकी पहुंच सचिवालय से लेकर कई वरिष्ठ अधिकारियों तक थी।

सूत्रों के अनुसार, जांच में ऐसे डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य मिले हैं जिनसे संकेत मिलता है कि कुछ अधिकारियों और उनके परिजनों के लिए विदेश यात्राओं की व्यवस्था की गई थी। साथ ही महंगे उपहार और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के भी आरोप हैं। बताया जा रहा है कि इसी आधार पर अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार सागर के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया तेज हुई।

मई 2026 में SVU द्वारा पटना स्थित आवास से ऋषु श्री की गिरफ्तारी के बाद मामले ने नया मोड़ लिया। छापेमारी में एजेंसियों को करोड़ों रुपये की संदिग्ध संपत्तियों का सुराग मिला। जांच में करीब एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के सोना, चांदी और हीरे के आभूषण, लाखों रुपये नकद तथा 61 भूखंडों से जुड़े दस्तावेज बरामद होने की बात सामने आई है।

इससे पहले इसी प्रकरण में निलंबित IAS अधिकारी संजीव हंस भी जांच एजेंसियों के रडार पर आ चुके हैं। अब SVU द्वारा दोनों अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन की अनुमति मांगे जाने के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े नाम बेनकाब हो सकते हैं।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि टेंडर घोटाले की आंच अब सीधे नौकरशाही के ऊंचे पदों तक पहुंच चुकी है। सरकार की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा संदेश माना जा रहा है, जबकि जांच एजेंसियां डिजिटल उपकरणों, बैंक खातों और बेनामी संपत्तियों की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।