टेंडर घोटाले की आंच IAS अफसरों तक, ED-SVU की जांच में बड़े खुलासे; करोड़ों की संपत्ति और विदेशी ट्रिप का खेल उजागर

दस्तक 7 मीडिया /पटना 

बिहार के बहुचर्चित टेंडर घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और विशेष सतर्कता इकाई (SVU) की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई बड़े प्रशासनिक अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। इस मामले में मुख्य आरोपी और कथित बिचौलिया ऋषु श्री की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को ऐसे कई अहम सुराग मिले हैं, जिन्होंने सत्ता और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

जानकारी के अनुसार, मई 2026 में विशेष सतर्कता इकाई ने पटना स्थित आवास से ऋषु श्री को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया है कि वह सचिवालय स्तर से लेकर कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों तक अपनी पहुंच रखता था और सरकारी टेंडर दिलाने के एवज में मोटी रकम वसूलता था।

जांच एजेंसियों का दावा है कि ऋषु श्री अधिकारियों को कथित तौर पर भारी कमीशन देने के साथ-साथ उनके परिजनों के लिए विदेशी यात्राओं की व्यवस्था करता था तथा महंगे उपहार भी उपलब्ध कराता था। इसी कड़ी में दो आईएएस अधिकारियों—अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार सागर—के खिलाफ डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है।

सूत्रों के मुताबिक, विशेष सतर्कता इकाई ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति राज्य सरकार से मांगी है। इससे पहले इसी मामले में निलंबित आईएएस अधिकारी संजीव हंस भी जांच एजेंसियों के रडार पर आ चुके हैं।

वहीं, ऋषु श्री के ठिकानों पर हुई छापेमारी के दौरान जांच एजेंसियों ने भारी मात्रा में बेनामी संपत्ति का भी पता लगाया है। बरामदगी में करीब एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के सोने, चांदी और हीरे के आभूषण, पांच लाख रुपये से अधिक नकद राशि तथा लगभग 61 भूखंडों के दस्तावेज शामिल बताए जा रहे हैं।

ED और SVU अब जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों, बैंक लेन-देन और संपत्ति संबंधी दस्तावेजों की गहन जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। प्रशासनिक महकमे में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज है और सबकी नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है