थानेदारी की कुर्सी से करोड़ों की कहानी! EOU की रेड के बाद अब खुल रही हे  संपत्ति की परतें, जांच टीम भी रह गई दंग

दस्तक 7 मीडिया ,पटना/किशनगंज।

आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की ताबड़तोड़ छापेमारी में किशनगंज के तत्कालीन नगर थानाध्यक्ष और वर्तमान में लाइन हाजिर पुलिस अधिकारी अभिषेक कुमार रंजन की कथित संपत्तियों को लेकर चौंकाने वाले तथ्य सामने आने की चर्चा है। पटना, किशनगंज और सारण में एक साथ हुई कार्रवाई के दौरान जांच टीम ने कई दस्तावेज, निवेश संबंधी कागजात और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले, जिसके बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

सूत्रों के अनुसार, EOU की टीम ने पटना के रामकृष्णानगर स्थित आवास, किशनगंज के सरकारी आवास एवं कार्यालय के अलावा सारण जिले में पैतृक ठिकानों पर एक साथ दबिश दी थी। छापेमारी की कार्रवाई सुबह से देर शाम तक चली, जहां जांचकर्ताओं ने बैंक खातों, जमीन-जायदाद, निवेश और अन्य वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की गहन पड़ताल की।

बताया जा रहा है कि जांच के दौरान कई ऐसी संपत्तियों और निवेश संबंधी जानकारियां सामने आई हैं, जिनकी वैधता और आय के स्रोत की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में कथित तौर पर बेनामी संपत्तियों, भारी निवेश और संदिग्ध आर्थिक गतिविधियों के संकेत मिलने की बात सामने आ रही है। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

EOU के अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों से जब्त दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड को अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू कर दी है। टीम इस बात का आकलन कर रही है कि संबंधित अधिकारी की घोषित आय और अर्जित संपत्तियों के बीच कितना अंतर है तथा संपत्तियों का वास्तविक स्वामित्व किसके नाम पर है।

छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों ने जांच एजेंसी का दायरा और बढ़ा दिया है। सूत्रों का कहना है कि अब वित्तीय लेन-देन के नेटवर्क, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और संपत्ति खरीद-फरोख्त से जुड़े कई अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जाएगी। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित निवेश और संपत्तियों के पीछे किन लोगों की भूमिका रही है।

इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। EOU की जांच रिपोर्ट और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। फिलहाल, आर्थिक अपराध इकाई पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और आने वाले दिनों में कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।