केवटी के बीडीओ पर ईओयू का शिकंजा:आय से अधिक संपत्ति मामले में 10 बैंक खाते फ्रीज, 6 ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
केवटी के बीडीओ पर ईओयू का शिकंजा:आय से अधिक संपत्ति मामले में 10 बैंक खाते फ्रीज, 6 ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
केवटी के बीडीओ पर ईओयू का शिकंजा:आय से अधिक संपत्ति मामले में 10 बैंक खाते फ्रीज, 6 ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
दस्तक 7 मीडिया /गुड्डू राज
दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) चंद्रमोहन पासवान पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आय से अधिक संपत्ति मामले में उनके और परिवार के नाम पर संचालित 10 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। यह कार्रवाई मुजफ्फरपुर की विशेष निगरानी अदालत से सर्च वारंट मिलने के बाद की गई।
ईओयू की अलग-अलग टीमों ने बुधवार को दरभंगा, मधुबनी और सीतामढ़ी समेत कुल छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच एजेंसी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में बीडीओ के पास 89 लाख 13 हजार 500 रुपये की अवैध संपत्ति होने के प्रमाण मिले हैं, जो उनकी वैध आय से लगभग 81.03 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है।
10 बैंक खातों में मिले लाखों रुपये
जांच के दौरान बीडीओ, उनकी पत्नी और बच्चों के नाम पर खुले 10 बैंक खातों की जानकारी सामने आई। इन खातों में जमा करीब 10 लाख रुपये की राशि को तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया है। ईओयू ने सभी खातों के लेन-देन की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
पत्नी, पिता और रिश्तेदारों के नाम पर निवेश
छापेमारी के दौरान जांच टीम को पत्नी के नाम पर जमीन के 11 डीड, कई LIC पॉलिसियों तथा अन्य निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। इसके अलावा, साले के नाम पर संचालित ‘जीटी मार्ट’ मॉल और पिता के नाम पर चल रहे ‘जीटी मेमोरियल हेल्थ केयर’ अस्पताल में भी लाखों रुपये के निवेश के प्रमाण मिलने की बात सामने आई है।
भ्रष्टाचार के आरोप
बताया जाता है कि यह पूरी कार्रवाई इकबाल अंसारी नामक व्यक्ति की शिकायत के बाद शुरू हुई। शिकायत में बीडीओ पर सरकारी योजनाओं की राशि में भारी अनियमितता, भ्रष्टाचार और नेपाल तक संपत्ति बनाने के गंभीर आरोप लगाए गए थे।
डिजिटल उपकरण भी जब्त
ईओयू की टीम ने छापेमारी के दौरान कई डिजिटल उपकरण, बैंक दस्तावेज, संपत्ति संबंधी कागजात और अन्य महत्वपूर्ण फाइलें जब्त की हैं। सभी दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
ग्रामीण विकास विभाग को भेजी जाएगी रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट ग्रामीण विकास विभाग को भेजी जाएगी। मामले में आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।