शांतिपूर्ण माहौल में जिलेभर में मनाई गई बकरीद, ईदगाहों और मस्जिदों में उमड़ी नमाजियों की भीड़
शांतिपूर्ण माहौल में जिलेभर में मनाई गई बकरीद, ईदगाहों और मस्जिदों में उमड़ी नमाजियों की भीड़
शांतिपूर्ण माहौल में जिलेभर में मनाई गई बकरीद, ईदगाहों और मस्जिदों में उमड़ी नमाजियों की भीड़
दस्तक 7 मीडिया /गुड्डू राज
जिलेभर में ईद उल अजहा (बकरीद) का पर्व शनिवार को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। जिला प्रशासन की चुस्ती, सतर्कता एवं सभी समुदायों के सहयोग से पर्व शांति और भाईचारे के माहौल में संपन्न हुआ। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक ईदगाहों और मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी तथा लोगों ने अमन-चैन, भाईचारे और देश की तरक्की के लिए दुआ मांगी।
किलाघाट स्थित मदरसा हमिदिया मैदान में शाही जामा मस्जिद के इमाम मौलाना वारिस अली ने ईद उल अजहा की नमाज अदा कराई। हजारों लोगों ने एक साथ बैठकर नमाज अदा की। नमाज से पूर्व इमाम साहब ने खुत्बा पेश करते हुए कुर्बानी के महत्व और इंसानियत, मोहब्बत तथा भाईचारे का संदेश दिया। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी और आपसी गिले-शिकवे भुलाकर भाईचारे का परिचय दिया।
इधर लहेरियासराय स्थित इस्माइलगंज ईदगाह में भी हजारों की संख्या में लोगों ने नमाज अदा की। जिले के विभिन्न ईदगाहों एवं मस्जिदों के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल एवं प्रशासनिक अधिकारी लगातार विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण करते रहे। जिला पदाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी भी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए थे।
सीएम कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. मो. मुस्ताक अहमद ने कहा कि बकरीद का पर्व हमें अपने आसपास के लोगों का ख्याल रखने और गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत करने की सीख देता है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया एक परिवार है और सभी को आपसी प्रेम एवं सद्भाव के साथ पर्व मनाना चाहिए।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मो. फैजुल्लाह ने लोगों को बकरीद की मुबारकबाद देते हुए कहा कि एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए अमन और शांति के साथ पर्व मनाना चाहिए। उन्होंने शांतिपूर्ण आयोजन के लिए जिला प्रशासन एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की सराहना की।
एमके कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मो. रहमतुल्लाह अंसारी ने कहा कि कुर्बानी केवल जानवर की नहीं, बल्कि अपने अंदर की बुराइयों की भी होनी चाहिए। उन्होंने लोगों से गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने तथा मोहब्बत और इंसानियत का संदेश फैलाने की अपील की।
वरिष्ठ दंत चिकित्सक डॉ. हसन अशरफ ने कहा कि सामाजिक सौहार्द और प्रशासन की मेहनत से जिले में हर वर्ष बकरीद शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होती है। वहीं करमगंज छोटी काजीपुरा के इमाम हाजी मौलाना अब्दुल अल्लाम मिस्वाही ने कहा कि कुर्बानी अल्लाह की बड़ी नेमत है और यह पर्व त्याग, सेवा और इंसानियत का संदेश देता है।
लोगों ने कहा कि बकरीद हमें अपने जान-माल, स्वार्थ और बुराइयों की कुर्बानी देकर इंसानियत की राह पर चलने की प्रेरणा देता है। सभी ने देश में अमन-शांति, भाईचारे और खुशहाली कायम रहने की दुआ मांगी।