वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय मे तैनात  आईटी प्रोग्रामर के गलत आचरण को लेकर उठे सवाल ,दिल फेंकने मे हे माहिर , महिला कर्मी /सिपाहियों में चर्चा एवं  दहशत का माहौल।

दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय 

दरभंगा पुलिस विभाग में तैनात एक आईटी प्रोग्रामर पर महिला सिपाहियों के साथ कथित तौर पर अनुचित व्यवहार, दबाव बनाने और तबादले की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप सामने आने से विभाग में हलचल मच गई है। मामला सीसीटीएनएस शाखा से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां विभिन्न थानों से जुड़ी महिला सिपाहियों की ड्यूटी ऑनलाइन कार्यों में लगाई जाती है।

महिला कर्मी के  अनुसार, वर्ष 2024 के अंतिम माह में दरभंगा में योगदान देने वाले आईटी प्रोग्रामर निशांत कुमार पर चर्चा हो रही है कि वे सीसीटीएनएस में कार्यरत महिला कर्मी  पर व्यक्तिगत दबाव बनाते हैं और बातचीत के दौरान कथित रूप से निजी संबंध बनाने की कोशिश करते हैं। कई थाना मे तैनात महिला सिपाहियों ने दबे जुबान में बताया कि उनकी “तिरछी नजर” महिला कर्मियों पर रहती है और जो उनकी बात नहीं मानतीं, उन्हें दूरदराज तबादले की धमकी दी जाती हे  ?स्पष्टीकरण पूछाया जाता हे ताकि उसपर दबाव बन सके।

ऑडियो वायरल, बातचीत पर उठे सवाल

इसी बीच एक महिला कर्मी  और आईटी प्रोग्रामर के बीच कथित बातचीत का ऑडियो भी वायरल हुई है। वायरल ऑडियो में कथित तौर पर आईटी प्रोग्रामर महिला कर्मी  से निजी नजदीकी बढ़ाने की कोशिश करते सुनाई दे रहे हैं। बातचीत में महिला कर्मी  उन्हें यह कहते हुए टोकती सुनाई पड़ रही है कि “आप शादीशुदा हैं, ऐसा नहीं करना चाहिए।” वहीं महिला कर्मी साफ तौर पर यह भी कहती बताई जा रही है कि उसे “इन सब चीजों में कोई दिलचस्पी नहीं है।”

बताया जा रहा है कि कुछ व्हाट्सऐप चैट भी सामने आए हैं, जिनमें कथित तौर पर महिला कर्मियों से निजी बातचीत के संकेत मिलते हैं। व्हाट्स ऐप चेट पर कहा गया हे कि दिक्कत हो तो मेरे डेरा पर भी रह सकती हे।मजेदार बात यह हे कि यह व्हाट्स ऐप चेट आईटी प्रोग्रामर के सरकारी मोबाईल 9031827395 से हुआ हे।

बात नहीं मानी तो तीन दिन में हटा दिया गया”

करीब एक वर्ष पूर्व भी कुछ महिला सिपाहियों ने अनौपचारिक रूप से इस पत्रकार से  शिकायत की थी कि उनकी बात नहीं मानने पर उन्हें अचानक दूसरे स्थानों पर भेज दिया गया। एक महिला कर्मी ने कथित तौर पर कहा कि लहेरियासराय थाना से मात्र तीन दिनों के भीतर उनका तबादला कर दिया गया था। हालांकि किसी ने आधिकारिक शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटाई। कई महिला कर्मियों का कहना है कि “नौकरी करनी है, इसलिए चुप रहना मजबूरी है,और इस बात की शिकायत किससे की जाय,इससे इज्जत प्रतिष्ठा भी प्रभावित होती हे।फिर लोग गलत नजरिये से और भी देखने लगते हे।

महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वाले पद पर तैनाती

आईटी प्रोग्रामर का पद पुलिस विभाग में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। सीसीटीएनएस संचालन, ऑनलाइन पुलिस कार्य, डेटा एंट्री, ऑनलाइन ट्रेनिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और एसएसपी स्तर की ऑनलाइन बैठकों सहित कई तकनीकी जिम्मेदारियां इसी शाखा से संचालित होती हैं। ऐसे में इस पद पर बैठे कर्मी इस तरह दिल फेंक रहेंगे तो कैसे कोई महिला कर्मी अपने दायित्व को निभा पाएगी , विभागीय कार्यशैली पर सवाल खड़े हो  रहे हैं।

जांच हुई तो खुल सकते हैं बड़े राज

यदि वायरल ऑडियो, चैट और महिला सिपाहियों के आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह मामला बेहद गंभीर साबित हो सकता है। सवाल उठ रहे हैं कि यदि तकनीकी शाखा में बैठे कर्मी  का आचरण ऐसा है तो महिला पुलिसकर्मियों के लिए सुरक्षित कार्य करने के लिये  वातावरण कैसे सुनिश्चित होगा?

हालांकि अब तक इस मामले में किसी भी महिला सिपाही द्वारा आधिकारिक लिखित शिकायत एसएसपी से नहीं की गई हे।वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी का कहना हे कि अगर लिखित शिकायत मिलती हे तो कारवाई होगी।

इधर सूचना मिल रही हे कि इस शोर शराबे के बाद आईटी प्रोग्रामर लंबी छूटीपर चले गये हे।उनके सरकारी मोबाईल नंबर पर 9031827395एवं निजी नंबर 099316 75587पर इस बाबत उनसे इस संबंध मे जानकारी लेने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।दस्तक 7मीडिया इस ऑडियो का पुष्टि नहीं करता हे लेकिन यह ऑडियो अगर सही हे तो ऐसे ऐसे कर्मी को ऐसे महत्वपूर्ण कुर्सी पर विराजमान करना विभाग के लिये अभिशाप होगा ?