गायघाट में कुदरत का कहर: आधी रात के तूफान ने मचाई तबाही, बिजली-पानी और यातायात व्यवस्था चरमराई
गायघाट में कुदरत का कहर: आधी रात के तूफान ने मचाई तबाही, बिजली-पानी और यातायात व्यवस्था चरमराई
गायघाट में कुदरत का कहर: आधी रात के तूफान ने मचाई तबाही, बिजली-पानी और यातायात व्यवस्था चरमराई
दीपक कुमार/ गायघाट
मंगलवार देर रात गायघाट में आए भीषण आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने पूरे जिले में भारी तबाही मचा दी. तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए, बिजली के पोल धराशायी हो गए और टिन-छप्पर उड़कर दूर जा गिरे. बुधवार सुबह जिले का नजारा किसी आपदा क्षेत्र जैसा दिखाई दिया.
बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित
तूफान का सबसे ज्यादा असर बिजली व्यवस्था पर पड़ा है. प्रखंड से लेकर ग्रामीण इलाकों तक दर्जनों जगहों पर बिजली के तार टूट गए और कई पोल क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे पूरे जिले की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. कई इलाकों में लोग पूरी रात अंधेरे में रहने को मजबूर रहे.
बिजली विभाग ने सुरक्षा कारणों से सप्लाई बंद कर दी है. विभागीय अधिकारियों के अनुसार कई सब-स्टेशनों में तकनीकी खराबी आई है और मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर जारी है. हालांकि भारी नुकसान के कारण बिजली बहाली में समय लग सकता है.
आंधी का असर यातायात व्यवस्था पर भी साफ देखने को मिला. बेनिनाद, गायघाट थाना क्षेत्र के आसपास के कई इलाकों में विशाल पेड़ सड़क पर गिर पड़े,
महेश्वरवारा में भी भारी नुकसान
बेनीबाद थाना क्षेत्र के महेशवारा निवासी मदन साह के घर के एलल्बेट्स उड़ गए । सभी लोग अपने घर से सो रहे थे। उन्होंने बताया कि तूफान का सबसे दर्दनाक असर देखने को मिला. गांव में होटल, चाय दुकानें और छोटी दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा है. तेज हवाओं में कई दुकानों के टिन शेड और छप्पर उड़ गए. प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक ग्रामीणों को 10 लाख रुपये से अधिक की क्षति हुई है. रातभर लोग अपने सामान को बचाने में जुटे रहे.राहत की बात यह रही कि घटना में किसी को हताहत नहीं हुई, नहीं तो दिन के समय बड़ा हादसा हो सकता था.स्थानीय लोग अजय कुमार सिंह और राजकुमार साह ने सरकार से मुआवजा और राहत सहायता की मांग की है.