मीठापुर में हाई-प्रोफाइल ठेकेदार रिशु श्री के ठिकानों पर SVU की छापेमारी,

टेंडर घोटाले में बड़े IAS अधिकारियों से साठगांठ के आरोप, करोड़ों की अवैध संपत्ति और विदेश यात्राओं की जांच तेज

दस्तक 7मीडिया /पटना।

सरकारी टेंडरों में बड़े पैमाने पर हेराफेरी, फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बुधवार को राजधानी पटना के मीठापुर स्थित हाई-प्रोफाइल ठेकेदार रिशु श्री उर्फ रिशु रंजन सिन्हा के आवास समेत कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी बैंक लेनदेन, डिजिटल उपकरणों और गोपनीय दस्तावेजों की गहन जांच में जुटी रही।

सूत्रों के अनुसार, रिशु श्री पर आरोप है कि उसने फर्जी और बेनामी कंपनियों के जरिए सरकारी विभागों में टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित कर करोड़ों रुपये के ठेके हासिल किए। जांच एजेंसियों को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि जल संसाधन, नगर विकास, भवन निर्माण तथा स्वास्थ्य विभाग सहित कई महत्वपूर्ण विभागों के टेंडर नियमों को दरकिनार कर मैनेज किए जा रहे थे।

जांच में यह भी सामने आया है कि टेंडर हासिल करने के बदले कुछ वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों और उनके परिवारों को विदेश यात्राएं कराई गईं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और SVU की जांच रिपोर्ट में ऑस्ट्रिया समेत कई यूरोपीय देशों की यात्राओं का उल्लेख होने की बात कही जा रही है।

इस मामले में पूर्व प्रधान सचिव संजीव हंस का नाम पहले से चर्चा में है। आरोप है कि रिशु श्री और संजीव हंस के बीच 8 से 10 प्रतिशत कमीशन पर टेंडर मैनेज करने का खेल चलता था। वहीं आईएएस अधिकारी योगेश कुमार सागर और अभिलाषा शर्मा के खिलाफ भी निजी लाभ लेने के आरोपों की जांच जारी है। जांच एजेंसियों को कथित तौर पर विदेश टूर, घरेलू खर्च और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़े प्रमाण मिले हैं।

पूर्व में हुई कार्रवाई के दौरान रिशु श्री से जुड़े नेटवर्क से करोड़ों रुपये की नकदी, पोर्श मैकान और बीएमडब्ल्यू जैसी लग्जरी गाड़ियां तथा बिहार और दिल्ली-एनसीआर में बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए गए थे।

SVU अधिकारियों का कहना है कि छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक डेटा की जांच के बाद इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। फिलहाल पूरे मामले में कई स्तरों पर जांच जारी है और आने वाले दिनों में बड़े खुलासे की संभावना जताई जा रही है।