गायघाट में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली / शिवदाहा उप स्वास्थ केंद्र पर 11 बजे तक जड़ा था ताला
गायघाट में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली / शिवदाहा उप स्वास्थ केंद्र पर 11 बजे तक जड़ा था ताला
गायघाट में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली / शिवदाहा उप स्वास्थ केंद्र पर 11 बजे तक जड़ा था ताला
दीपक कुमार। गायघाट
सरकार ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, और बड़े-बड़े दावे भी किए जाते हैं। लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। मामला गायघाट ब्लॉक का है, जहां स्वास्थ्य उपकेंद्र पर दिन के उजाले में ताला लटक रहा है और मरीज बिना इलाज के लौटने को मजबूर हैं। देखिए हमारे संवाददाता दीपक कुमार की यह एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट।
ये तस्वीरें गायघाट ब्लॉक के शिवदाहा तिरसठ स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र की हैं। दिन है सोमवार और समय हो रहा है सुबह के 11 बजकर 10 मिनट। जहां इस वक्त मरीजों की भीड़ होनी चाहिए थी, वहां गेट पर एक बड़ा सा ताला लटक रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को छोटी-मोटी बीमारियों के इलाज के लिए दूर न जाना पड़े, इसलिए इन स्वास्थ्य उपकेंद्रों का निर्माण किया गया था। यहां बकायदा एएनएम (ANM) की तैनाती भी की गई है। लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही का आलम यह है कि इनके खुलने और बंद होने का कोई समय ही निर्धारित नहीं है। आज भी जो मरीज इलाज की आस में यहां पहुंचे, उन्हें मायूस होकर खाली हाथ लौटना पड़ा।
इस लापरवाही का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। छोटी-सी बीमारी के लिए भी ग्रामीणों को मीलों दूर स्थित सीएचसी (CHC) या जिला अस्पताल के धक्के खाने पड़ते हैं। हैरानी की बात तो यह है कि जागरूकता के अभाव में इलाके के लगभग 70 प्रतिशत लोगों को इस स्वास्थ्य उपकेंद्र के वजूद की जानकारी ही नहीं है। सुदूर इलाका होने के कारण आलाधिकारियों की भी यहां आवाजाही नहीं के बराबर है, जिससे कर्मचारियों की मनमानी लगातार जारी है।
विभाग भले ही कागजों पर सुदृढ़ व्यवस्था का ढिंढोरा पीटता हो, लेकिन शिवदाहा स्वास्थ्य उपकेंद्र का यह ताला पूरी व्यवस्था का मुंह चिढ़ा रहा है। अब सवाल यह उठता है कि क्या आलाधिकारी इस खबर के बाद नींद से जागेंगे? और क्या इस उपकेंद्र के ताले नियमित रूप से खुलेंगे ताकि ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके?