कॉकरोच जनता पार्टी के नाम पर साइबर जाल, व्हाट्सएप-टेलीग्राम से फैल रहा फर्जी ऐप,
APK डाउनलोड करते ही खाली हो सकता है बैंक खाता, पुलिस और गृह मंत्रालय ने जारी किया अलर्ट

दस्तक 7मीडिया /

देशभर में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध के बीच अब ठगों ने सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इन दिनों व्हाट्सएप, टेलीग्राम, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर “कॉकरोच जनता पार्टी” के नाम से फर्जी लिंक और APK फाइल भेजकर लोगों को साइबर ठगी के जाल में फंसाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, साइबर अपराधी पहले लोगों को किसी ऑनलाइन राजनीतिक संगठन या विशेष मूवमेंट से जोड़ने का लालच देते हैं। इसके बाद उन्हें मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक भेजा जाता है। जैसे ही यूजर APK फाइल डाउनलोड करता है, मोबाइल का निजी डेटा, बैंकिंग डिटेल और सोशल मीडिया एक्सेस अपराधियों तक पहुंचने लगता है।
हाल के दिनों में दिल्ली, मुंबई समेत कई शहरों से इस तरह की शिकायतें सामने आने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी की है। इसी क्रम में भोपाल पुलिस कमिश्नरेट की साइबर क्राइम सेल ने भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे फर्जी ऐप मोबाइल में इंस्टॉल होते ही स्क्रीन रिकॉर्डिंग, OTP एक्सेस, कॉन्टैक्ट लिस्ट और बैंकिंग ऐप की जानकारी चुरा सकते हैं। कई मामलों में पीड़ितों के खातों से रकम भी निकाली गई है।
पुलिस ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी अनजान लिंक, APK फाइल या सोशल मीडिया मैसेज पर भरोसा न करें। यदि गलती से कोई संदिग्ध ऐप डाउनलोड हो जाए तो उसे तुरंत हटाएं, मोबाइल और बैंकिंग पासवर्ड बदलें तथा बैंक को सूचित करें।
पुलिस की सलाह हे कि किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें। ऐप केवल Google Play Store या आधिकारिक वेबसाइट से ही डाउनलोड करे ,संदिग्ध ऐप इंस्टॉल हो जाए तो तुरंत डिलीट करें और पासवर्ड बदलें। बैंकिंग और सोशल मीडिया खातों में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जरूर चालू रखें। व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आए किसी भी संदिग्ध मैसेज को तुरंत डिलीट करें।
पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधी लोगों को “मेंबरशिप”, “स्पेशल ग्रुप” और “राजनीतिक अभियान” से जोड़ने का झांसा देकर फर्जी लिंक भेज रहे हैं। ऐसे मामलों में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।