मतदाता सूची से नाम हटाने के खिलाफ डीएम के समक्ष अपील,बिना जांच कार्रवाई का आरोप,उच्च न्यायालय जाएगें आवेदक

दस्तक 7 मिडिया, दरभंगा।


दरभंगा जिले के बिरौल नगर पंचायत (वार्ड संख्या-03) के एक निवासी ने मतदाता सूची से अपना नाम अवैध रूप से हटाए जाने के खिलाफ जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी , दरभंगा के समक्ष अपील आवेदन दाखिल किया है। पीड़ित नागरिक ने स्थानीय पदाधिकारी पर बिना किसी उचित जांच, ठोस तथ्य या प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किए नाम विलोपित करने का गंभीर आरोप लगाया है।आवेदन के अनुसार, आवेदक
अख्तर शहंशाह (पिता: मो० माशुक), जो ग्राम अफजला टोले खेवा, पोस्ट व थाना- बिरौल के स्थायी निवासी हैं, का नाम पिछले कई वर्षों से लगातार विभिन्न मतदाता सूचियों में दर्ज था। उनका नाम 27 जनवरी 2023, 25 अप्रैल 2024 और 30 सितंबर 2025 की विधानसभा मतदाता सूचियों के अलावा वर्ष 2026 की प्रारूप मतदाता सूची (वार्ड संख्या-03) में भी प्रकाशित था।
आवेदक का कहना है कि वह वर्ष 2021 से लगातार इसी पते पर रह रहे हैं। इसके बावजूद, बिना किसी निष्पक्ष जांच के उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया, जो निर्वाचन नियमावली के नियमों के खिलाफ और पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
आवेदक ने खुद को उसी पते का वास्तविक और स्थायी निवासी साबित करने के लिए आवेदन के साथ 12 महत्वपूर्ण सरकारी और वैधानिक दस्तावेजों की छायाप्रति संलग्न की है।
1. पहचान पत्र (Voter ID)
2. आधार कार्ड
3. गैस कनेक्शन दस्तावेज
4. बिजली बिल
5. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) पासबुक (पता अंकित)
6. पोस्ट ऑफिस पासबुक
7. आयकर रिटर्न (ITR)
8. नगर पंचायत बिरौल होल्डिंग नंबर एवं संबंधित अभिलेख
9. स्वयं के नाम से भूमि/जमीन की रसीद
10. पत्नी के नाम से भूमि/जमीन की रसीद
11. डाक विभाग द्वारा उक्त पते पर प्राप्त पत्राचार की छायाप्रति
12. पैतृक क्षेत्र संबंधी बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की लिखित जांच रिपोर्ट प्रस्तुत किया है।
राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार द्वारा नगर पालिका आम/उप निर्वाचन 2026 के लिए जारी दिशा-निर्देशों (पत्रांक संख्या नि०- 50-07/2026-936, दिनांक 06/03/2026) का भी हवाला दिया गया है। इस निर्देश के तहत बैंक पासबुक, बिजली बिल, गैस कनेक्शन, पोस्ट ऑफिस खाता,आयकर अभिलेख, डाक विभाग का पत्राचार और जमीन का केवाला/लगान रसीद आदि को निवास प्रमाण के रूप में पूरी तरह मान्य माना गया है।
आवेदक ने इन मान्य दस्तावेजों में से कई अहम साक्ष्य जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करते हुए न्याय की गुहार लगाई है और मतदाता सूची में अपना नाम पुन बहाल करने की मांग की है। लेकिन इस आवेदन पत्र का पदाधिकारी द्वारा संज्ञान में नहीं लेने की आशंका जताई है। आवेदक अख्तर शहंशाह ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने उच्च न्यायालय पटना का दरवजा खटखटाया है, और उन्होंने न्यायालय के प्रति आस्था जताते हुए कहा कि यहां अवश्य न्याय मिलेगा।