डीएमसीएच पोस्टमार्टम हाउस में बदहाली, पंखे बंद और पानी नदारद,
गर्मी से बेहाल परिजन, गंदगी के बीच शवों के पोस्टमार्टम का इंतजार

दस्तक 7 मीडिया , दरभंगा /अफजल खान 


दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) के पोस्टमार्टम परिसर में आने वाले मृतकों के परिजनों को भीषण गर्मी के बीच भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां मूलभूत सुविधाओं का ऐसा अभाव है कि लोग प्यास और उमस से बिलबिलाने को मजबूर हैं। बुधवार को पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे छह शवों के साथ आए परिजन घंटों तक बदहाल व्यवस्था के बीच इंतजार करते रहे।
पोस्टमार्टम परिसर में बने वेटिंग शेड की स्थिति बेहद खराब दिखी। शेड में एक दर्जन से अधिक पंखे लगे होने के बावजूद सभी बंद पड़े थे। तेज गर्मी और उमस के कारण परिजन कभी बेंच पर बैठते तो कभी फर्श पर लेटकर राहत पाने की कोशिश करते नजर आए। लेकिन वहां भी गंदगी पसरी हुई थी। फर्श पर गोबर पड़ा था और उसी के आसपास बैठकर लोग शवों के पोस्टमार्टम का इंतजार करने को विवश थे।
सबसे अधिक परेशानी पेयजल को लेकर रही। परिसर में पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं होने से लोगों को प्यास बुझाने के लिए बाहर सड़क किनारे दुकानों की ओर भागना पड़ा। एक बोतल पानी लाने पर कई लोग मिलकर उससे अपनी प्यास बुझाते दिखे।
मुजफ्फरपुर से शव लेकर पहुंचे अरुण साह ने बताया कि पूरा परिवार गर्मी से परेशान है। परिसर में कई पंखे लगे हैं, लेकिन कोई भी चालू नहीं है। पीने के पानी की भी कोई सुविधा नहीं रहने से लोगों की हालत खराब हो रही है। वहीं शंकर मांझी ने कहा कि पोस्टमार्टम हाउस में साफ-सफाई तक की व्यवस्था नहीं है। शेड में गंदगी और गोबर फैला हुआ है, बावजूद इसके परिजन वहीं बैठने को मजबूर हैं।
गौरतलब है कि डीएमसीएच के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग में हर साल करीब एक हजार शव पोस्टमार्टम के लिए लाए जाते हैं। रोजाना दूर-दराज जिलों से आने वाले लोगों को घंटों परिसर में इंतजार करना पड़ता है, लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हो पातीं।
इस संबंध में डीएमसीएच के प्राचार्य डॉ उमेश चंद्र झा ने कहा कि पोस्टमार्टम परिसर में पंखे बंद रहने और पेयजल की समस्या की जानकारी अब तक उनके संज्ञान में नहीं आई थी। मामले की जांच कर जल्द आवश्यक सुविधाएं बहाल कराई जाएगी।