ज्ञान भारतम् मिशन को दरभंगा में मिली रफ्तार, एलएनएमयू के प्राचीन इतिहास विभाग में पाण्डुलिपियों का सर्वे कार्य पूरा, संरक्षण पर विशेष जोर
ज्ञान भारतम् मिशन को दरभंगा में मिली रफ्तार, एलएनएमयू के प्राचीन इतिहास विभाग में पाण्डुलिपियों का सर्वे कार्य पूरा, संरक्षण पर विशेष जोर
ज्ञान भारतम् मिशन को दरभंगा में मिली रफ्तार,
एलएनएमयू के प्राचीन इतिहास विभाग में पाण्डुलिपियों का सर्वे कार्य पूरा, संरक्षण पर विशेष जोर
दस्तक 7 मीडिया /दरभंगा
जिलाधिकारी कौशल कुमार के मार्गदर्शन में ज्ञान भारतम् मिशन के तहत जिले में पाण्डुलिपियों के सर्वेक्षण कार्य में तेजी आई है। इसी क्रम में बुधवार को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय इतिहास, पुरातत्त्व एवं संस्कृति विभाग में संरक्षित पाण्डुलिपियों का सर्वेक्षण कार्य पूरा किया गया।
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी चंदन कुमार के नेतृत्व में हुए इस सर्वेक्षण के दौरान विभागाध्यक्ष अमीर अली खान ने विभाग में उपलब्ध दुर्लभ पाण्डुलिपियों के संरक्षण और हस्तांतरण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्व विभागाध्यक्ष अयोध्यानाथ झा के कार्यकाल में एमएलएसएम कॉलेज से श्री राम कुमार मिश्र द्वारा इन पाण्डुलिपियों को विभाग को सौंपा गया था।
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी ने बताया कि उपलब्ध सभी पाण्डुलिपियों का वैज्ञानिक एवं रासायनिक तरीके से संरक्षण कराया गया है। इसके तहत फ्यूमिगेशन, विअमलीकरण, जापानी टिशु पेपर तथा सीएमटी पेस्ट से लेमिनेशन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है, ताकि इन ऐतिहासिक धरोहरों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके।
पाण्डुलिपि विशेषज्ञ भवनाथ झा ने कहा कि राज्यभर में प्राप्त पाण्डुलिपियों पर गंभीर शोध की आवश्यकता है, ताकि उनमें निहित ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और दार्शनिक ज्ञान को समाज के सामने लाया जा सके। उन्होंने बताया कि विभाग में उपलब्ध पाण्डुलिपियों की जानकारी शोधार्थी मुरारी झा के साथ मिलकर उपलब्ध कराई गई थी।
जिलाधिकारी ने जिलेवासियों से अपील की है कि यदि किसी के पास प्राचीन पाण्डुलिपियाँ अथवा उनसे संबंधित जानकारी हो तो इसकी सूचना जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय, प्रेक्षागृह-सह-आर्ट गैलरी, लहेरियासराय को दें, ताकि इन धरोहरों का सर्वेक्षण और संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
उल्लेखनीय है कि ज्ञान भारतम् मिशन के तहत पाण्डुलिपि सर्वेक्षण कार्य में बिहार वर्तमान में देशभर में चौथे स्थान पर है, जिसे राज्य के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।