उर्दू वाद-विवाद प्रतियोगिता में छात्रों ने दिखाई प्रतिभा,

उर्दू भाषा हमारी साझा तहज़ीब और भाईचारे की पहचान : डीएम कौशल कुमार

दस्तक 7 मीडिया /दरभंगा 

उर्दू निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार सरकार के तत्वावधान में “उर्दू दाँ छात्र-छात्रा हौसला अफजाई योजना” के अंतर्गत बुधवार को समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में उर्दू वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी कौशल कुमार, उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद एवं जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी आनंद कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल भाषण कला तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक समृद्धि, भाषाई विरासत और युवा प्रतिभाओं के सम्मान का उत्सव है। उन्होंने कहा कि उर्दू भाषा प्रेम, शांति, साहित्य और मानवीय मूल्यों की भाषा है, जो राष्ट्रीय एकता और भाईचारे को मजबूत करती है।

डीएम ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि भाषण प्रतियोगिता आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और अभिव्यक्ति कौशल को विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से हार-जीत की चिंता छोड़ आत्मविश्वास के साथ अपने विचार रखने की अपील की।

उन्होंने कहा कि शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रीय एकता, उर्दू साहित्य और कंप्यूटर जैसे विषय केवल प्रतियोगिता के मुद्दे नहीं, बल्कि समाज और भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषय हैं। छात्राओं को विशेष रूप से प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता से ही समाज और राष्ट्र मजबूत बनेगा।

जिलाधिकारी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जिला उर्दू भाषा सेल, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं आयोजन समिति की सराहना की। साथ ही अभिभावकों को भी धन्यवाद दिया, जो बच्चों को शिक्षा और प्रतिभा प्रदर्शन के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

कार्यक्रम का संचालन उर्दू अनुवादक जसीमुद्दीन ने किया। अंत में जिलाधिकारी द्वारा निर्णायक मंडल के शिक्षकों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।