दहेज हत्या का फरार आरोपी बिहार के दरभंगा से गिरफ्तार, विवाह के दो माह बाद दहेज की बलि चढ़ी पूजा, उत्तराखंड,दरभंगा एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई,
दहेज हत्या का फरार आरोपी बिहार के दरभंगा से गिरफ्तार, विवाह के दो माह बाद दहेज की बलि चढ़ी पूजा, उत्तराखंड,दरभंगा एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई,
दहेज हत्या का फरार आरोपी बिहार के दरभंगा से गिरफ्तार, विवाह के दो माह बाद दहेज की बलि चढ़ी पूजा, उत्तराखंड,दरभंगा एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई,
दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।
उत्तराखंड की नेहरू कॉलोनी पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स दरभंगा ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दहेज हत्या के आरोपी को बिहार के दरभंगा जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी काफी समय से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था, जिसे बिरौल पुलिस के सहयोग से अमाही गांव से दबोच लिया गया है। थानाध्यक्ष चन्द्र मणी ने बताया कि उत्तराखंड के जनपद देहरादून के थाना नेहरू कॉलोनी में दर्ज कांड संख्या 24/26 के तहत एक महिला की दहेज के लिए हत्या किए जाने का संगीन मामला दर्ज है। इस मामले में मुख्य आरोपी बिरजू (उम्र 23 वर्ष), पिता- चमेली राम, काफी समय से फरार चल रहा था। उत्तराखंड पुलिस लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही थी। आरोपी की लोकेशन ट्रैक करते हुए उत्तराखंड एसटीएफ की टीम बिहार के दरभंगा जिले में पहुंची। इसके बाद देहरादून नेहरू कॉलोनी थाना की पुलिस और एसटीएफ ने बिरौल पुलिस से संपर्क साधा। और त्वरित कार्रवाई करते हुए बीते रात ग्राम आमाही, पोस्ट अहिलवारा में घेराबंदी की। पुलिस की मुस्तैदी के कारण आरोपी बिरजू को संभलने का मौका नहीं मिला और उसे उसके पैतृक गांव से धर-दबोचा गया। गिरफ्तारी के बाद स्थानीय कागजी प्रक्रिया और कानूनी औपचारिकताओं को पूरा किया गया। इसके बाद उत्तराखंड पुलिस आरोपी बिरजू को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर देहरादून के लिए रवाना हो गई, जहां उसे कोर्ट में पेश कर आगे की न्यायिक कार्रवाई की जाएगी। नेहरू कॉलोनी थाना के पुलिस पदाधिकारी एस आई संजीत कुमार के अनुसार 14 अक्टूबर 2025 को दरभंगा निवासी स्व.सुरेन्द्र राम की पुत्री पूजा कुमारी की शादी चमेली राम के पुत्र बिरजू के साथ संपन्न हुआ। दहेज में मोटरसाइकिल नहीं मिलने पर पति ने अपनी पत्नी पूजा को प्रताड़ित किया करता था। जिसकी जानकारी अपने भाई प्रियांशु को दिया,लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। पति बिरजू की प्रताड़ना से तंग आ कर उसने 9 दिसम्बर 2025 को आत्महत्या कर ली। यानी विवाह के दो माह बाद पूजा दहेज की बलि चढ़ गयी। घटना के बाद से बिरजू फरार चल रहा था।
इस कार्रवाई को अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय का एक बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है, जिससे यह साफ संदेश जाता है कि कानून के हाथ से बचना नामुमकिन है। टीम का नेतृत्व स्वयं थानाध्यक्ष चन्द्र मणी कर रहे थे, इसके अलावा एएसआई प्रेम प्रकाश,शशि भुषण रजक सहित कई पुलिस पुलिस कर्मी मौजूद थे।