बहेरी से दरभंगा तक वाम दलों का प्रदर्शन और सम्मेलन,महंगाई, बेरोजगारी, बुलडोजर राज और भ्रष्टाचार के खिलाफ गरजे नेता,15 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर बहेरी में अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

दस्तक 7 मीडिया,दरभंगा/बहेरी

जिले में शुक्रवार को वाम दलों की राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। एक ओर बहेरी प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय पर सीपीआई(एम) के नेतृत्व में किसान-मजदूरों ने विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर जुझारू प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी ओर लहेरियासराय में भाकपा(माले) के 12वें राज्य सम्मेलन की शुरुआत बुलडोजर राजनीति और लोकतंत्र के सवाल पर आयोजित संगोष्ठी के साथ हुई। दोनों कार्यक्रमों में महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, किसानों-मजदूरों के सवाल और केंद्र-राज्य सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला गया।

बहेरी में सीपीआई(एम) का प्रदर्शन

पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सीपीआई(एम) के बैनर तले सैकड़ों किसान-मजदूरों ने बहेरी प्रखंड-अंचल कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को वापस लेने, महिला आरक्षण लागू करने, मनरेगा में बदलाव रद्द करने, किसानों को फसल क्षति अनुदान देने, सभी को जमीन-रोजगार-आवास उपलब्ध कराने तथा बिजली कटौती रोकने की मांग की। साथ ही गंगदह गांव समेत क्षेत्र की जलजमाव और जर्जर सड़कों की समस्या दूर करने तथा बुलडोजर राज के खिलाफ नारेबाजी की गई।

प्रदर्शनकारियों ने अंचलाधिकारी की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि समझौता वार्ता के बावजूद मांगों पर अमल नहीं होता। बाद में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की वार्ता बीडीओ और सीओ से हुई, जिसमें अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद तत्काल आंदोलन स्थगित कर दिया गया। हालांकि नेताओं ने चेतावनी दी कि 15 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रखंड-अंचल कार्यालय पर अनिश्चितकालीन “घेरा डालो-डेरा डालो” आंदोलन शुरू किया जाएगा।

सभा की अध्यक्षता वरिष्ठ नेता गोपाल चौधरी ने की। राज्य सचिव मंडल सदस्य श्याम भारती ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण महंगाई लगातार बढ़ रही है और गरीबों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। उन्होंने मनरेगा को कमजोर करने, बढ़ते अपराध और कॉरपोरेट परस्ती का आरोप लगाते हुए वामपंथी-धर्मनिरपेक्ष शक्तियों की एकता मजबूत करने की अपील की।

पार्टी नेता सत्यनारायण मुखिया ने कहा कि भ्रष्टाचार, अत्याचार और जनसमस्याओं के खिलाफ पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सांसद-विधायक मद की योजनाओं में कमीशनखोरी और प्रखंड-अंचल कार्यालयों में फैले भ्रष्टाचार पर भी सवाल उठाए।

सभा को अरविंद लालदेव, मनोज यादव, कृष्ण कुमार मिश्रा, हीरा मंडल, बिंदेश्वर पासवान, रामप्रसाद दास, गुरुदेव यादव, मोहम्मद मुकीम, मिथलेश शाह, ध्यानी यादव, दुर्गा देवी, गुलशन, मोहम्मद अनवर समेत कई नेताओं ने संबोधित किया।

माले सम्मेलन में बुलडोजर राजनीति पर हमला

इधर, लहेरियासराय के पोलो मैदान स्थित सभागार में भाकपा(माले) के 12वें राज्य सम्मेलन की शुरुआत हुई। “बुलडोजर राज के खिलाफ लोकतंत्र का सवाल” विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए पार्टी महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा की बुलडोजर राजनीति के खिलाफ लड़ाई “दूसरी आजादी की जंग” है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सत्ता का कब्जा हो चुका है और देश में असहमति की आवाजों को दबाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मजदूर, छात्र, किसान और सीएए विरोधी आंदोलनों की पृष्ठभूमि में इंडिया गठबंधन बना है तथा सभी लोकतांत्रिक ताकतों को मिलकर संघर्ष तेज करना होगा। उन्होंने संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए व्यापक एकता का आह्वान किया।

सम्मेलन को राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल, कांग्रेस नेता मदन मोहन झा, सांसद राजाराम सिंह, सीपीआई राज्य सचिव रामनरेश पांडेय, मीना तिवारी, शशि यादव, आई.पी. गुप्ता, ललन चौधरी समेत कई नेताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने बेरोजगारी, महंगाई, महिला उत्पीड़न, चुनावी धांधली, बुलडोजर कार्रवाई और लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग के मुद्दे उठाए।

श्रद्धांजलि और मार्च

सम्मेलन की शुरुआत बाबा नागार्जुन, डॉ. भीमराव आंबेडकर, चंद्रशेखर आजाद, महात्मा गांधी और डॉ. लोहिया समेत कई महान नेताओं को श्रद्धांजलि देकर हुई। लहेरियासराय स्टेशन से सम्मेलन स्थल तक मार्च निकाला गया तथा शहीद वेदी पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सम्मेलन स्थल को लाल झंडों और संघर्ष संबंधी नारों से सजाया गया है।