मिथिलांचल की आस्था का महापर्व, ‘वट सावित्री व्रत
को लेकर सुपौल बाजार में उमड़ी महिलाओं की भीड़

दस्तक 7 मिडिया बिरौल दरभंगा।

मिथिलांचल की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और अखंड सौभाग्य के महापर्व ‘बरसायत’ (वट सावित्री व्रत) को लेकर अनुमंडल के मुख्य व्यावसायिक केंद्र, सुपौल बाजार में उत्सव सा माहौल है। शुक्रवार को बाजार में खरीदारी के लिए महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे क्षेत्र में चारों ओर उल्लास और श्रद्धा का दृश्य देखने को मिला। आस्था के इस महापर्व को लेकर सुपौल बाजार पूरी तरह सज चुका है। व्रत की पूर्व संध्या पर खरीदारी के लिए महिलाओं का हुजूम उमड़ पड़ा। विशेष रूप से, फलों की मांग पूजा के लिए जरूरी फल जैसे आम, लीची, केला और मौसमी फलों की दुकानों पर काफी चहल-पहल रही। बरसायत पूजा में बांस से बने पंखों (बेना) का विशेष महत्व होता है। बाजार में विभिन्न डिजाइनों और रंगों वाले पंखों की खूब बिक्री हुई। सुहागिन महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों के साथ-साथ चूड़ी, बिंदी और सिंदूर जैसी श्रृंगार सामग्रियों की जमकर खरीदारी की। मिथिलांचल में बरसायत का पर्व पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के लिए मनाया जाता है।यह केवल एक व्रत नहीं, बल्कि मिथिला की संस्कार यात्रा है जहां सती सावित्री के त्याग और समर्पण को याद किया जाता है। वट वृक्ष की पूजा कर महिला अपने सुहाग की रक्षा की कामना करती हैं। भीड़ के कारण बिरौल-सुपौल मुख्य मार्ग पर दिन भर यातायात का दबाव बना रहा। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि इस पर्व को लेकर बाजार में पिछले कई दिनों की तुलना में आज सबसे अधिक आर्थिक गतिविधि देखी गई। कपड़ों से लेकर मिट्टी के बर्तनों और डलिया तक की दुकानों पर ग्राहकों का तांता लगा रहा।
बाजार में बढ़ती भीड़ को देखते हुए स्थानीय थाना स्तर पर सुरक्षा और व्यवस्था के प्रति भी सजगता देखी गई, ताकि श्रद्धालु महिलाओं को खरीदारी में किसी प्रकार की असुविधा न हो।शनिवार को सुबह शुभ मुहूर्त में महिलाएं वट वृक्ष (बरगद) के नीचे एकत्रित होकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगी और सावित्री-सत्यवान की कथा सुनेंगी।